फाजिल्का: फाजिल्का में फिरोजपुर हाईवे पर आज (6 जून) सुबह साढ़े 5 बजे पिकअप और ट्राले की आमने-सामने टक्कर हो गई। जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर घायलों को इलाज के लिए फरीदकोट रेफर किया गया है। पिकअप में परिवार और रिश्तेदारों समेत करीब 25 से 30 लोग पिकअप में सवार थे। परिवार अपने मृतक परिजन की अस्थियां विसर्जित करने के लिए डेरा ब्यास जा रहा था। लेकिन रास्ते में सामने से रॉन्ग साइड में आ रहे ट्राले के साथ उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कल लगते ही पिकअप सवार लोग एक दूसरे पर गिरे, जबकि ऊपर बने टूल बॉक्स में बैठे 5 लोग उछलकर ट्राले का शीशा तोड़ते हुए उसके अंदर जा गिरे, जिससे उनकी मौत हो गई। इसमें 13 साल की बच्ची भी शामिल है। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी फिरोजपुर भूपिंदर सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए फिरोजपुर भेज दिए हैं। एसएसपी के अनुसार, हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
अस्थियां विसर्जित करने जा रहा था परिवार
घायलों के परिजनों ने बताया कि परिवार की एक महिला का निधन हो गया था। जिसके बाद अस्थियां विसर्जित करने के लिए पूरा परिवार ब्यास जा रहा था। पिकअप में करीब 30 से 35 लोग सवार थे। जब वाहन गांव जंगेवाला के पास पहुंचा तो सामने से आ रहे एक ट्राले के साथ उसकी भीषण टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पिकअप के ऊपर बने टूल बॉक्स में बैठे पांच लोग उछलकर ट्राले का शीशा तोड़ते हुए उसके अंदर जा गिरे। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया तथा घायलों को वाहनों की मदद से अस्पताल पहुंचाया।

हादसे में करीब 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 15 लोग घायल हो गए। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से 11 गंभीर रूप से घायल मरीजों को फिरोजपुर से फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।
डॉक्टरों ने CPR दिया, महिला की धड़कन लौटी
अस्ताल में मौजूद सरदार ने बताया कि यहां कुल 11 मरीज पहुंचे हैं। इसमें 4 मरीजों की हालत काफी गंभीर है, जिन्हें तुरंत इंटेंसिव केयर यूनिट में शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक महिला मरीज की हालत इतनी खराब थी कि वह लगभग ‘डेड’ हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए उन्हें CPR दी। सीपीआर देने के बाद उनके दिल की धड़कन और सांसें वापस चालू हो गईं और अब वह धीरे-धीरे रिकवर हो रही हैं। उन्होंने बताया कि अन्य सभी मरीजों का इलाज भी तेजी से चल रहा है। अस्पताल के अलग-अलग विभागों के सभी मुख्य डॉक्टर तुरंत मौके पर पहुंच चुके हैं।

