Tuesday, May 26, 2026
जनता का सबसे लोकप्रिय समाचार पत्र
Android App
Haryananewsflash
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
    • हरियाणा
      • पंचकुला
      • पानीपत
      • फतेहाबाद
      • जींद
      • झज्जर
      • यमुनानगर
      • रेवाड़ी
      • रोहतक
      • सिरसा
      • हिसार
      • सोनीपत
      • करनाल
      • भिवानी
      • गुड़गांव
      • कैथल
      • फरीदाबाद
      • महेंद्रगढ़
      • चरखी दादरी
      • नूह
    • पंजाब
      • अमृतसर
      • गुरदासपुर
      • जालंधर
      • तरनतारन
      • पटियाला
      • पठानकोट
      • फरीदकोट
      • भटिंडा
      • लुधियाना
    • उत्तर प्रदेश
      • वाराणसी
      • लखनऊ
      • आगरा
      • बलिया
      • मुज़फ्फरनगर
      • रायबरेली
    • हिमाचल प्रदेश
      • ऊना
      • कांगड़ा
      • कुल्लू
      • चंबा
      • धर्मशाला
      • मंडी
      • शिमला
    • चंडीगढ़
    • दिल्ली
    • बैंगलोर
    • महाराष्ट्र
  • दुनिया
  • खेल
  • ट्रेंडिंग
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • E-PAPER
  • Privacy Policy
  • about-us
No Result
View All Result
Haryananewsflash
No Result
View All Result
Home चंडीगढ़

पंचकूला तहसीलदार विक्रम सिंगला की अग्रिम जमानत याचिका खारिज: करप्शन केस में दूसरी बार फंसे, 95 दिन जेल में बिताने पर मिली थी बेल

May 25, 2026
0
पंचकूला तहसीलदार विक्रम सिंगला की अग्रिम जमानत याचिका खारिज: करप्शन केस में दूसरी बार फंसे, 95 दिन जेल में बिताने पर मिली थी बेल

पंचकूला के रायपुर रानी क्षेत्र में पर्ल ग्रुप (पीजीएफ/पीएसीएल) की अटैच जमीन बेचने के मामले में तहसीलदार विक्रम सिंगला की अग्रिम जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की कोर्ट में उन्होंने 20 मई को अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। कोर्ट के समक्ष बचाव पक्ष के वकील दलील देते हुए कहा कि इसी जमीन व इसी तहसील से जुड़ा एक केस पहले भी विजिलेंस ने रजिस्टर किया था। आरोपी जांच में शामिल होने के लिए तैयार है, इसलिए किसी प्रकार की गिरफ्तार की जरूरत नहीं है। पूर्व में दर्ज किए गए केस व वर्तमान केस को एक साथ चलाया जाएगा, क्योंकि एक ही तहसील से संबंधित दोनों केस हैं। कोर्ट ने दलीलों को खारिज करते हुए तहसीलदार विक्रम सिंगला की अग्रिम जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। अब तहसीलदार विक्रम सिंगला को विजिलेंस गिरफ्तार करने का प्रयास करेगी।

पंचकूला के रायपुर रानी क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और जांच एजेंसियों की रोक के बावजूद 17.55 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई। मामले में तत्कालीन तहसीलदार विक्रम सिंगला, कानूनगो दीपक कुमार, पटवारी नरेंद्र कुमार डबास और जमीन मालिक सुरमुख सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। पर्ल ग्रुप और उसकी सहयोगी कंपनियों की संपत्तियां निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए जांच एजेंसियों द्वारा पहले ही अटैच की जा चुकी थीं। इन संपत्तियों की बिक्री, म्यूटेशन और रजिस्ट्रेशन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद रायपुर रानी तहसील में संबंधित अधिकारियों ने कथित मिलीभगत से जमीन की रजिस्ट्री और इंतकाल मंजूर कर दिए।

पटवारी ने गलत तरीके से बनाया दस्तावेज

जांच में सामने आया कि, सुरमुख सिंह निवासी फतेहगढ़ साहिब, पंजाब की ओर से दी गई जीपीए के आधार पर हरदीप सिंह ने 22 दिसंबर 2025 को एसडीएम पंचकूला को आवेदन देकर राजस्व रिकॉर्ड से बंदी आदेश हटाने की मांग की थी। इसके बाद पटवारी नरेंद्र कुमार ने तहसीलदार विक्रम सिंगला के साथ मिलकर रिपोर्ट नंबर 232 दर्ज की और जमीन को बंदी आदेश से मुक्त दिखा दिया। बाद में कानूनगो दीपक कुमार ने संबंधित प्रक्रिया को तस्दीक कर दिया।

तहसीलदार विक्रम सिंगला को कोर्ट में लेकर जाते हुए विजिलेंस टीम। फाइल - Dainik Bhaskar

2 जनवरी 2026 को हुई करोड़ों की रजिस्ट्री

रिपोर्ट के अनुसार, 2 जनवरी 2026 को रजिस्ट्री नंबर 1491 और 1492 दर्ज की गईं। इनमें सुरमुख सिंह ने कुनाल छिलाना और सौरभ के नाम कुल 17.55 एकड़ जमीन करीब 4.20 करोड़ रुपए में बेच दी। इसके बाद 9 जनवरी को इंतकाल दर्ज हुआ और 17 जनवरी को कानूनगो तथा तहसीलदार द्वारा मंजूर भी कर दिया गया।

जांच एजेंसियों ने यह भी पाया कि इससे पहले भी संबंधित जमीन को लेकर शिकायतें और पत्राचार हुए थे। SDM पंचकूला ने तहसीलदार रायपुर रानी से स्पष्टीकरण मांगा था। हिसार निवासी एक शिकायतकर्ता ने भी ऐसी जमीनों की बिक्री रोकने का अनुरोध किया था, लेकिन अधिकारियों ने कथित तौर पर अनदेखी की।

सरकार से मिली अभियोजन की अनुमति

विजिलेंस जांच में मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित 2018 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) के तहत बनता पाया गया। इसके बाद धारा 17-ए के तहत कार्रवाई के लिए सरकार से अनुमति मांगी गई थी। मुख्य सचिव हरियाणा और DGP विजिलेंस की ओर से अनुमति मिलने के बाद अब आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है।

पहले भी जेल जा चुका विक्रम सिंगला

हरियाणा के पंचकूला में PACL (पर्ल्स) ग्रुप की अटैच जमीन के सौदे में गड़बड़ी और रिश्वत लेने के आरोपों में तहसीलदार विक्रम सिंगला पहले भी जेल जा चुके हैं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिक्रमजीत अरोड़ा की कोर्ट ने करीब 3 महीने की न्यायिक हिरासत के बाद राहत देते हुए सख्त शर्तों के साथ बेल मंजूर की।

SendShare198Tweet124Share
ADVERTISEMENT
Haryananewsflash

Copyright © 2022 Haryananewsflash.

Navigate Site

  • About
  • Advertise Contact
  • Privacy & Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • होम
  • देश
  • प्रदेश
    • हरियाणा
      • पंचकुला
      • पानीपत
      • फतेहाबाद
      • जींद
      • झज्जर
      • यमुनानगर
      • रेवाड़ी
      • रोहतक
      • सिरसा
      • हिसार
      • सोनीपत
      • करनाल
      • भिवानी
      • गुड़गांव
      • कैथल
      • फरीदाबाद
      • महेंद्रगढ़
      • चरखी दादरी
      • नूह
    • पंजाब
      • अमृतसर
      • गुरदासपुर
      • जालंधर
      • तरनतारन
      • पटियाला
      • पठानकोट
      • फरीदकोट
      • भटिंडा
      • लुधियाना
    • उत्तर प्रदेश
      • वाराणसी
      • लखनऊ
      • आगरा
      • बलिया
      • मुज़फ्फरनगर
      • रायबरेली
    • हिमाचल प्रदेश
      • ऊना
      • कांगड़ा
      • कुल्लू
      • चंबा
      • धर्मशाला
      • मंडी
      • शिमला
    • चंडीगढ़
    • दिल्ली
    • बैंगलोर
    • महाराष्ट्र
  • दुनिया
  • खेल
  • ट्रेंडिंग
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • E-PAPER
  • Privacy Policy
  • about-us

Copyright © 2022 Haryananewsflash.