चंडीगढ़: मानसून की दस्तक से पहले ही चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में जलभराव और बुनियादी ढांचे से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। यूटी के चीफ इंजीनियर सी.बी. ओझा की अगुआई में इंजीनियरिंग विभाग की टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं और मानसून से जुड़े कार्यों की रोजाना समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बारिश शुरू होने से पहले सभी जरूरी कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि शहर में जलभराव की समस्या न हो और लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जलभराव रोकने के लिए प्रशासन का मास्टर प्लान:-
- पटियाला की राव और रोड गलियों पर विशेष फोकस: प्रशासन की ओर से शहर के प्रमुख नालों, विशेषकर पटियाला की राव, की सफाई और गाद निकालने का काम लगातार किया जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में रोड गलियों की सफाई, सड़कों के रखरखाव और पेड़ों की छंटाई के कार्यों की भी नियमित निगरानी की जा रही है।
- रोड गलियों की सफाई पूरी करने का लक्ष्य: अधिकारियों का कहना है कि बारिश से पहले सभी नालों और रोड गलियों की सफाई पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पानी का बहाव बाधित न हो और जलभराव की स्थिति पैदा न हो। शहरी बाढ़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए ड्रेनेज सिस्टम को सुचारू बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
- पेड़ों की छंटाई और सड़कों की मरम्मत पर जोर: मानसून के दौरान सड़क दुर्घटनाओं और यातायात में बाधा से बचने के लिए पेड़ों की कमजोर और सूखी शाखाओं की छंटाई का काम भी लगातार जारी है। विभागीय अधिकारी रोजाना इसकी प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं।
- मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा: साथ ही जहां-जहां सड़कें और रोड गलियां क्षतिग्रस्त हैं, वहां मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जरूरी मरम्मत कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

