होशियारपुर के कॉन्वेंट स्कूल में कैबिन के बाहर खड़ा करने की सजा देने से आहत गुरदासपुर के 11वीं के छात्र ने जहर निगलकर सुसाइड कर लिया। 15 साल के स्टूडेंट की गलती इतनी थी कि वह स्कूल के फर्स्ट फ्लोर पर चला गया। जिस पर उसे एक मैडम ने देख लिया। इसका पता चलने पर प्रिंसिपल ने उसे यह सजा दी। वह करीब 3 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा। इसके बाद शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिवार ने उसके सिर पर सेहरा सजाकर अंतिम विदाई दी। वहीं गुरदासपुर पुलिस ने स्कूल के खिलाफ खुदकुशी को मजबूर करने के आरोप में FIR दर्ज कर ली है।
- फर्स्ट फ्लोर पर गए, मैडम को देख लौटे: कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल दसूहा के स्टूडेंट हरमन सिंह ने बताया- गुरदासपुर के काहनूवान के गांव झंडा लुबाणा का रहने वाला नवजोत स्कूल में 11वीं में पढ़ता था। 27 अप्रैल को वह मेरे पास नवजोत आया था। उसने कहा कि फर्स्ट फ्लोर पर जाना है। वहां उसने किसी दोस्त को मिलना था। हम दोनों फर्स्ट फ्लोर पर गए। वहां पहुंचे तो दूसरे कॉरिडोर में गुरप्रीत मैडम थी। उसे देखकर हम वापस आ गए।
- दूसरी मैडम ने देखा, प्रिंसिपल ने सजा दी: हरमन ने आगे बताया- जब हम नीचे आने लगे तो वहां पर दूसरी मैडम खड़ी थी। उन्होंने हमें देख लिया। उन्हें मेरे बारे में पता नहीं था लेकिन नवजोत के बारे में सब पता था। मैडम ने कहा कि नवजोत के बारे में मुझे पहले से पता है। उसके बाद मैडम ने कहा कि 4 दिन पहले ही किसी स्टूडेंट को TC दी है। तुम दोनों को वॉर्निंग है। हरमन ने आगे बताया कि इसके बाद स्कूल प्रिंसिपल ने 2 पीरियड हमें अपने कैबिन के बाहर खड़ा रखा।
- घर आकर जहरीली चीज खाई: नवजोत के परिजनों ने बताया कि 27 अप्रैल को इस घटना के बाद नवजोत घर आया। क्लास के बच्चों के सामने ही उसका अपमान किया गया। इससे वह काफी आहत हो गया। उसे लगा कि अब जब दोबारा स्कूल जाएगा तो उसे अपने क्लासमेट के सामने जलील होना पड़ेगा। इसलिए उसने घर में ही कोई जहरीली वस्तु निगल ली। इसके बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 1 मई को उसने दम तोड़ दिया।
- स्कूल में TC देने की धमकी दी जाती है: एक अन्य स्टूडेंट ने बताया कि हमारे साथ स्कूल में इसी तरह का व्यवहार किया जाता है। छोटी-छोटी बातों पर हमें TC देने की धमकी दी जाती है। अगर किसी का परना बांधा हाे या काले रंग की पगड़ी पहनी हो तो बहुत परेशान किया जाता है। हमें साइड में खड़ा कर देते हैं और बेइज्जती करते हैं। हमें टॉर्चर किया जाता है।

