प्रदेश में बाल विवाह की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए राज्य महिला आयोग ने कमर कसी है। बता दें, प्रदेश में बाल विवाह रोकने की जिम्मेदारी अब ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंचों एवं शहरी क्षेत्रों पार्षदों को सौंपी जाएगी। वहीं, इसके लिए महिला आयोग ने बाकायदा प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके तहत प्रत्येक सरपंच एवं पार्षद के क्षेत्राधिकारी में होने वाली शादियों में दूल्हा-दुल्हन की उमर की वेरिफिकेशन भी उन्हें करनी होगी।
