चंडीगढ़: मिसिंग मामलों को लेकर हरियाणा पुलिस के होश उड़ गए। स्टेट क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो के क्रिमिनल इंटेलिजेंस गजट के अनुसार राज्य में हर रोज 40 लोग मिसिंग हो रहे हैं। आपको बता दें, जनवरी 2022 से अगस्त 2022 तक सूबे में 9492 गुमशुदगी के मामले पुलिस थानों में दर्ज किए गए हैं। अगर हम हर साल के औसत की बात करें तो लगभग 14 हज़ार लोग हर साल लापता हो रहे हैं।
लापता हुए लोगों के मामलों से निपटने वाले पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राज्य पुलिस ने लापता लोगों का पता लगाने के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट एक्टिव की है। वही पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस साल अगस्त 2022 तक 378 लाख तक बच्चों और 482 वयस्कों को उनके परिवार के साथ खोज कर फिर से उनसे मिला दिया है। खोजे गए बच्चों में 205 लड़के और 173 लड़कियां शामिल है। जबकि वयस्कों में 226 पुरुष व 256 महिलाएं शामिल है।
पुलिस का दावा है कि उन्होंने अगस्त 2022 तक कुल 5403 लापता लोगों का पता लगाया है। पिछले साल राज्य से लगभग 231 नाबालिग लापता हो गए थे जिसमें से पुलिस ने लगभग 110 लोगों का पता लगाने में सफल रही।
लापता लोगों की तलाश के लिए सरकार तैयारी शुरू कर चुकी है। राज्य के गृह मंत्री अनिल विज ने निर्देश पर मंच संचालन प्रक्रिया तैयार कर ली है। हरियाणा पुलिस को होम मिनिस्टर अनिल विज ने गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए 1 महीने पहले 4 महीने का टाइम दिया उन्होंने कहा अगर दिए गए समय में पुलिस इस काम को पूरा नहीं कर पाएगी तो यह जिम्मेदारी स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंपी जाएगी।

