मोहाली: मोहाली नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर-47 से भाजपा उम्मीदवार रहीं सुखदीप कौर ने चुनाव परिणामों को लेकर प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार परमिंदर कौर के मुकाबले महज एक वोट से पराजित घोषित किया गया, लेकिन मतगणना प्रक्रिया के दौरान उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया। सुखदीप कौर ने आरोप लगाया कि 29 मई को हुई मतगणना में कुल 1624 वोटों में से उन्हें 424 वोट मिले, जबकि आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार परमिंदर कौर को 425 वोट प्राप्त हुए। इसके बाद उन्हें एक वोट से पराजित घोषित कर दिया गया।

रिटर्निंग ऑफिसर समक्ष दर्ज कराई आपत्ति
भाजपा उम्मीदवार का कहना है कि उन्होंने मतगणना को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर (एसडीएम) दमनदीप कौर, शमिंदर सिंह और अन्य अधिकारियों के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पुनर्गणना और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए तो पुलिस की मदद से उन्हें मतगणना केंद्र से बाहर करवा दिया गया। सुखदीप कौर ने कहा कि उन्होंने मौके पर विरोध दर्ज कराया और प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे चुनाव के दौरान प्रशासन और पुलिस ने निष्पक्ष भूमिका नहीं निभाई।
सरकार पर भी लगाए गंभीर आरोप
सुखदीप कौर ने आरोप लगाया कि चुनाव में सत्ताधारी दल के पक्ष में माहौल बनाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने उम्मीदवारों को जिताने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी और स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस बल का पूरा सहयोग लिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि विजेता उम्मीदवार को जारी किए गए जीत प्रमाण पत्र की प्रक्रिया में भी कई अनियमितताएं हुईं। उनके अनुसार, संबंधित दस्तावेजों में आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
दोबारा चुनाव कराने की मांग
भाजपा उम्मीदवार ने मांग की है कि वार्ड नंबर-47 में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दोबारा चुनाव करवाया जाए, ताकि मतदाताओं की वास्तविक राय सामने आ सके और सही उम्मीदवार का चयन हो सके।

