हिसार: हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान पर बने कम दबाव वाले क्षेत्र के कारण हरियाणा में पिछले दो दिन से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इससे प्रदेश के तापमान में 4.7°C की गिरावट भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आज यानि 30 मई को भी 8 जिलों में तूफान और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। सिरसा, भिवानी, चरखीदादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह, पलवल और यमुनानगर में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। हवा की रफ्तार बढ़कर 90 kmph तक भी जा सकती है। वहीं, उत्तर और मध्य हरियाणा के जिलों जैसे पंचकूला, अंबाला, हिसार, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद और रोहतक में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

एक जून से फिर से गर्मी बढ़ेगी
बारिश का दौर खत्म होने के बाद हरियाणा में जून में तापमान एक बार फिर से बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार पूरे जून महीने में हीटवेव चल सकती है और तापमान 47 डिग्री या इससे भी ऊपर जा सकता है। हरियाणा में सिरसा और रोहतक में तापमान 46 डिग्री या इससे ज्यादा दर्ज हो चुका है।
हरियाणा में 22 जून को आ सकता है प्री-मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून अंडमान में समय से पहले पहुंच गया था, लेकिन केरल के तट पर इसके आगे बढ़ने की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है। वर्तमान मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए अनुमान है कि उत्तर भारत और हरियाणा में प्री-मानसून 22 जून से 25 जून के आसपास दस्तक दे सकता है। जून के तीसरे सप्ताह से राज्य में प्री-मानसून की गतिविधियां तेज होने लगेंगी, जिससे हीटवेव पर लगाम लगेगी। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार हरियाणा में मानसून एक जुलाई के बाद प्रवेश करता है। इस बार मानसून में देरी से यह एक सप्ताह लेट हरियाणा में दस्तक दे सकता है।

