पंचकूला में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीष दुआ की कोर्ट ने वर्ष 2022 के एक पॉक्सो मामले में सुनवाई पूरी करते हुए 57 वर्षीय आरोपी को 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा न करने की स्थिति में दोषी की सजा की अवधि बढ़ाई जाएगी। न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत गंभीर यौन अपराध का दोषी पाया। दंडात्मक कार्रवाई को विस्तार देते हुए कोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 के तहत 6 महीने की सजा और धारा 342 के तहत भी 6 महीने की सजा सुनाई है।
घर के बाहर खेल रही थी बेटी
डीसीपी सृष्टि गुप्ता के अनुसार, 2022 में पंचकूला निवासी एक महिला ने सेक्टर-2 पुलिस चौकी में दी शिकायत में बताया गया था कि उनकी 5 वर्षीय मासूम बेटी घर के बाहर खेल रही थी, तभी पड़ोस में रहने वाला अधेड़ उम्र का व्यक्ति उसे खाने की वस्तु देने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। वहां आरोपी ने बच्ची के साथ छेड़छाड़ की और जब बच्ची डरकर रोने लगी, तो उसे चुप कराने के लिए थप्पड़ भी मारे। हमारी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला सब इंस्पेक्टर सुनीता के नेतृत्व में जांच शुरू की और आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
आंख बंद करके भरोसा न करें : DCP
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने अभिभावकों और समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि छोटे बच्चों की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी माता-पिता की होती है। डीसीपी ने आगाह करते हुए कहा कि जब बात बच्चों की सुरक्षा पर आती है, तो आप किसी पर भी आंख-मूंदकर विश्वास नहीं कर सकते, इसलिए अपने बच्चों पर निरंतर ध्यान रखें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शारीरिक शोषण बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है।
