चंडीगढ़: चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल द्वारा अवैध हथियार सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से 14 पिस्तौल और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके बाद चंडीगढ़ DGP डॉ. सागरप्रीत हुड्डा ने इंस्पेक्टर हरिरिंदर सेखों, इंस्पेक्टर जसपाल सिंह व उनकी टीम को रिवॉर्ड दिया। दोनों इंस्पेक्टरों को 20-20 हजार रुपए और फर्स्ट क्लास सर्टिफिकेट, जबकि बाकी टीम मेंबर्स को 10-10 हजार रुपए व फर्स्ट क्लास सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।

बता दें कि, शहर में गैंगस्टरों द्वारा पंजाब यूनिवर्सिटी में फायरिंग, सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत नागरा उर्फ चिन्नी कुबाहेड़ी और सेक्टर 37 स्थित पंजाब बीजेपी ऑफिस के बाहर ग्रेनेड हमले के बाद DGP सागरप्रीत हुड्डा ने इंस्पेक्टर सेखों को ऑपरेशन सेल में लगाया था, ताकि गैंगस्टरों पर लगाम लगाई जा सके। इंस्पेक्टर हरिरिंदर सेखों ने गैंगस्टरों, खासकर लकी पटियाल-बंबीहा गैंग के सहयोगियों को हथियार पहुंचाने वाले सप्लायरों को हथियारों के साथ पकड़ लिया। यह गैंग उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से हथियार मंगवाकर ट्राईसिटी में सप्लाई कर रहा था।
सबसे पहले 14 अप्रैल 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि मनीमाजरा के कुछ युवक बाहरी राज्यों से अवैध हथियार मंगवाकर शहर में सप्लाई कर रहे थे। इसके बाद पुलिस टीम ने मौली जागरां और हल्लोमाजरा रोड के आसपास नाकाबंदी की। इसी दौरान दो संदिग्ध व्यक्ति जंगल की तरफ जाते दिखाई दिए, जिन्हें पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन वे भागने लगे। इस पर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। उनकी पहचान राहुल उर्फ रैली और मोनू उर्फ कांडू के रूप में हुई।

