नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार को कहा- कल जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। जो सरकार की साजिश थी, लोकतंत्र को कमजोर करने की उसे रोका गया। ये संविधान की देश की और विपक्ष की एकता की जीत थी। पीएम ने कई बार अपने भाषण में कहा कि अगर आप इससे सहमत नहीं होंगे तो आप यहां नही बैठ सकते है। हम चौंके थे कि इनकी मंशा क्या थी। उन्होंने सोचा पारित हो जाएगा तो उनकी जीत होती। नहीं हुआ तो हम हर विपक्षी नेता को महिला विरोधी साबित करके महिलाओं के लिए मसीहा बन जाएंगे। उधर लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के गिर जाने पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कहा- कांग्रेस पार्टी और विपक्ष को देश की महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। उन पर लगा यह काला धब्बा कभी नहीं मिटेगा।

प्रियंका बोलीं- सवाल छोटे रखिए, पति का बर्थडे है
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने सवाल पूछते हुए कहा कि, मैडम क्या आपके पास समय है। इस पर प्रियंका ने कहा कि थोड़ा शॉर्ट रखिएगा, आज पति (रॉबर्ट वाड्रा) का बर्थडे है।
प्रियंका बोलीं- विपक्ष को महिला विरोधी बताकर मसीहा बनना चाहते थे
प्रियंका ने कहा- मेरे ख्याल से पूरी साजिश जो रची गई वह इसलिए कि हमें सत्ता में रहना है। वह अभी नहीं किया जाएगा परिसीमन 2029 तक नहीं हो पाएगा। वह महिलाओं के नाम पर किया जा रहा था। ताकि हमें स्वतंत्रता मिल जाए सत्ता में बने रहने की। उन्होंने सोचा पारित हो जाएगा तो जीत नहीं होता तो हम हर नेता को महिला विरोधी साबित करके महिलाओं के लिए मसीहा बन जाएंगे। महिलाएं देख रही हैं। उन्नाव हाथरस, मणिपुर में देखा.. आप संसद में खड़े होकर कह रहे हैं कि आप उनके मसीहा बनना चाहते हैं। यह साफ है कि यह महिलाओं के लिए नहीं परिसीमन के लिए था। मैं खुश हूं कि विपक्ष ने उनका विरोध किया। ब्लैक डे उनके लिए है क्योंकि उन्हें धक्का लगा है कि यह हो कैसे गया।

