तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: ईरान ने कहा है कि अमेरिका पर उसका भरोसा पूरी तरह खत्म हो चुका है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ पिछले अनुभव अच्छे नहीं रहे हैं और उस पर अब भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने 2015 के परमाणु समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका पहले भी डील से पीछे हट चुका है, इसलिए अब किसी नई बातचीत पर भरोसा नहीं है। अराघची ने साफ किया कि अमेरिका के साथ सहयोगी देशों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान जरूर हो रहा है, लेकिन इसे बातचीत नहीं कहा जा सकता।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अगले 2 से 3 हफ्तों में खत्म हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अपना लक्ष्य हासिल कर चुका है और ऑपरेशन लास्ट स्टेज में है। मंगलवार रात व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था। यह अब पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि समझौता होने पर युद्ध पहले भी खत्म हो सकता है।
जंग से मिडिल ईस्ट को ₹18 लाख करोड़ का नुकसान
यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) ने कहा है कि मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक यह संघर्ष अब सिर्फ कुछ देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए बड़ा संकट बन गया है।
- रीजन की GDP 3.7% से 6% तक घट सकती है
- करीब ₹18 लाख करोड़ का नुकसान हो सकता है
- होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही 70% से ज्यादा घट गई
- तेल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल हो गई है
- 16 लाख से लेकर 36 लाख नौकरियों पर संकट

