फतेहाबाद: फतेहाबाद जिले के जमालपुर गांव के श्मशान घाट में निर्माण कार्य के दौरान एक बुजुर्ग की अस्थियां इधर-उधर होने से विवाद हो गया। सोमवार को मृतक रमेश कुमार के परिजन अस्थियां लेने पहुंचे, लेकिन वे मौके पर नहीं मिलीं। इसके बाद परिजनों ने श्मशान घाट परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जानकारी के अनुसार, पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता देवेंद्र सिंह के निर्देशन में श्मशान घाट में करीब 22 लाख रुपए की लागत से शेड और बरामदे का निर्माण कार्य चल रहा है। यह कार्य गाजुवाला की एक फर्म द्वारा किया जा रहा है।
ठेकेदार पर अस्थियां हटाने का आरोप
परिजनों ने श्मशान घाट का कार्य कर रहे ठेकेदार पर अस्थियां हटाने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस टीम और गांव के सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण कुमार भी मौके पर पहुंचे।
सरपंच ने करवाया समझौता
सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण कुमार ने दोनों पक्षों से बातचीत कर समझौता करवाया। समझौते के तहत, श्मशान घाट परिसर में मृतक रमेश कुमार के नाम से पौधारोपण किया जाएगा, जिसकी देखरेख ग्राम पंचायत करेगी।
अस्थियां लेने श्मशान पहुंचे थे परिजन
ब्लॉक समिति चेयरमैन सुरेंद्र सिंह ने बताया कि यह घटना श्मशान घाट में काम कर रहे मिस्त्री की गलतफहमी के कारण हुई थी। सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण कुमार ने स्पष्ट किया कि रमेश कुमार की मौत चार-पांच दिन पहले हुई थी। परिजन सोमवार को अस्थियां हरिद्वार ले जाने के लिए श्मशान घाट पहुंचे थे।
मिस्त्री ने अनजाने में अस्थियां साइड में की
उन्होंने बताया कि दो लोगों की अस्थियां ले जानी थीं, जिनमें से एक के परिजन अस्थियां ले जा चुके थे। मिस्त्री को लगा कि दोनों की अस्थियां ले जाई जा चुकी हैं, इसलिए निर्माण कार्य करते समय उसने रमेश कुमार की अस्थियों को अनजाने में एक तरफ कर दिया था। परिजनों का रोष जायज था। मृतक के नाम से पौधारोपण किया जाएगा ताकि उनकी याद हमारे बीच बनी रहे। अब परिजन संतुष्ट हैं।

