अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ जंग बेहतरीन चल रही है और यह जल्द खत्म हो सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों के बाद वहां हमला करने के लिए लगभग कुछ भी नहीं बचा है। अमेरिकी मीडिया एक्सिओस को दिए एक इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान को उम्मीद से कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। उनके मुताबिक कई अहम सैन्य और रणनीतिक ठिकाने तबाह कर दिए गए हैं। ट्रम्प ने कहा कि सैन्य अभियान तय समय से आगे चल रहा है। शुरुआती योजना छह हफ्तों की थी, लेकिन अमेरिका ने इससे पहले ही अपने कई लक्ष्य हासिल कर लिए हैं।
32 देश 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में उतारेंगे
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने घोषणा की है कि उसके 32 सदस्य देश अपने आपातकालीन भंडार से 40 करोड़ बैरल कच्चा तेल बाजार में जारी करेंगे। यह एजेंसी के इतिहास में सबसे बड़ा तेल रिलीज होगा। IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने बताया कि यह कदम युद्ध के कारण तेल बाजार में आई आपूर्ति बाधा को दूर करने के लिए उठाया गया है। एजेंसी के अनुसार 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। इस रूट से कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात युद्ध से पहले के स्तर के 10% से भी कम रह गया है। IEA ने कहा कि आपातकालीन भंडार से तेल सदस्य देशों की परिस्थितियों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से बाजार में उतारा जाएगा। 1974 में स्थापित IEA के इतिहास में यह छठी बार है जब सदस्य देश मिलकर रणनीतिक भंडार से तेल जारी कर रहे हैं। इससे पहले 1991 के खाड़ी युद्ध, 2005 के हरिकेन कैटरीना, 2011 के लीबिया युद्ध और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ऐसा कदम उठाया गया था। IEA के 32 सदस्य देशों में अमेरिका, जापान, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। हालांकि भारत इस एजेंसी का सदस्य नहीं है, बल्कि वह 2017 से IEA का एसोसिएट देश है।

