पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा है कि पंजाब में तुरंत परमानेंट डीजीपी की नियुक्ति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा डीजीपी सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं, जबकि प्रदेश में रोजाना हत्याएं हो रही हैं।
बिक्रम सिंह मजीठिया 3 फरवरी को कुछ शर्तों के साथ जेल से रिहा हुए थे। इसी सिलसिले में शनिवार 7 फरवरी को उनकी मोहाली कोर्ट में पेशी हुई। पेशी के बाद मजीठिया ने पंजाब सरकार पर जमकर निशाना साधा। अब मामले की अगली सुनवाई 7 मार्च को होगी।
पंजाब में कानून-व्यवस्था बिगड़ी
मजीठिया ने कहा कि पंजाब में रोज कत्ल हो रहे हैं और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के नौजवानों को जागना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लोगों ने बदलाव देख लिया है कि पंजाब में कैसा बदलाव आया है।
बिक्रम सिंह मजीठिया ने अरविंद केजरीवाल और आप नेता सुशील गुप्ता पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों ने जो बोला था, उसी के आधार पर पंजाब के पानी के मुद्दे पर फैसले लिए जा रहे हैं। मजीठिया ने सवाल उठाया कि जब पहले ही पंजाब में पानी की कमी है, तो वॉटर कमिशन की टीम को आज पंजाब भेजने का क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा एसवाईएल की जमीन वापस की जा चुकी थी। इसके बावजूद दोबारा टीम भेजना पंजाब के लोगों के साथ धोखा है।
हरियाणा चुनाव की तैयारी
मजीठिया ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद को पंजाब का छोटा भाई बताते हैं। पानी के मुद्दे पर पहले ही 100 से ज्यादा बार स्टडी हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल हरियाणा से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, इसलिए ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि हरियाणा की जनता को अपनी ओर खींचा जा सके। लेकिन अब पंजाब की जनता जाग चुकी है और पंजाब में हुए बदलावों को देख रही है। मजीठिया ने कहा कि जब पंजाब सरकार और डीजीपी किसी मामले में पूरी तरह फेल हो जाते हैं, तब कोर्ट को दखल देना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार हर मोर्चे पर नाकाम साबित हो रही है।
जेल में मेरे चारों तरफ लगाए कैमरे
बिक्रम मजीठिया ने आरोप लगाया कि पंजाब डीजीपी गौरव यादव, एडीजीपी अरुण और पंजाब सरकार की भूमिका की जांच होनी चाहिए, क्योंकि जिस समय वह जेल के अंदर थे, उनकी प्राइवेसी पर भी नजर रखी जा रही थी। उनके चारों तरफ कैमरे लगाए गए थे, ताकि यह देखा जा सके कि विक्रम एक-एक सेकंड में क्या-क्या कर रहा है।

