पंजाब में जिला परिषद व ब्लॉक समिति चुनाव में ड्यूटी पर जाते हुए सड़क दुर्घटना में एक टीचर दंपत्ति की मौत हो गई। टीचर दंपत्ति की मौत से पंजाब भर के टीचर्स संगठनों में भारी रोष है। टीचर्स संगठनों ने CM मान से टीचर दंपत्ति के परिवार के लिए दो-दो करोड़ रुपए की मुआवजा राशि मांगी।
सीएम मान ने टीचर दंपत्ति के परिवार के लिए 10-10 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की जिसका टीचर्स संगठनों ने विरोध करना शुरू कर दिया। टीचर्स संगठनों ने इसे उनके परिवार के साथ क्रूर मजाक बताया। टीचर्स संगठनों ने मुआवजा राशि दो-दो करोड़ करवाने के लिए सरकार के खिलाफ संघर्ष करने का ऐलान कर दिया है। यह फैसला मृतक टीचर दंपत्ति जसकरण सिंह भुल्लर और उनकी पत्नी कमलजीत कौर की अंतिम अरदास के बाद विभिन्न टीचर्स, किसान और अन्य संगठनों ने लिया।
बच्चों की पढ़ाई व सरकारी नौकरी की लिखित गारंटी दे सरकार
टीचर्स संगठनों ने पंजाब सरकार से उनके बच्चों के लिए दो-दो करोड़ रुपए मुआवजा मांगा है और इस मुआवजा राशि को तुरंत जारी करने की मांग की है। इसके अलावा सरकार से मांग की हे कि बच्चों की पूरी पढ़ाई का खर्च सरकार उठाए और पढ़ाई पूरी होने के बाद बच्चों को सरकारी नौकरी की लिखित गारंटी दी जाए।
यह हादसा नहीं, हत्या है
टीचर संगठन के नेताओं ने कहा कि दंपत्ति ऑन ड्यूटी जा रहे थे। कमलजीत कौर की ड्यूटी दूर लगाए जाने के कारण जसकरण सिंह उन्हें छोड़ने गए थे, उसी दौरान दोनों की मौत हुई। नेताओं ने इसे दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही से हुई हत्या बताया और इसके लिए मोगा सिविल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।

