हरियाणा के फरीदाबाद में हरियाणा राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए थाना धौज में तैनात पुलिस सब-इंस्पेक्टर सुमित कुमार को 1 लाख 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई अंबाला यूनिट ने की। आरोप है कि सुमित थाना धौज, जिला फरीदाबाद में दर्ज कराए गए एक केस में चालान कोर्ट में पेश करने के एवज में एक लाख पचास हजार रुपए की रिश्वत की मांग रहा था। शिकायतकर्ता ने इस दबाव से परेशान होकर राज्य सतर्कता ब्यूरो, अंबाला में शिकायत दर्ज कराई थी।
उधर, सोनीपत और रोहतक एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पहले जीआरपी थाना प्रभारी विजयपाल को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ है। यह रिश्वत एक पुराने छेड़खानी और मारपीट के मामले में ‘सेटलमेंट’ के नाम पर मांगी गई थी। वहीं, सोनीपत के पटवारी युद्धवीर को 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। इंस्पेक्टर उषा ने बताया कि दोनों मामलों में संयुक्त कार्रवाई की गई है। दोनों आरोपियों को कल कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- शिकायतकर्ता के खिलाफ दर्ज हुआ था फ्रॉड का केस : एसीबी अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसके विरुद्ध 8 सितंबर 2025 को धारा 318(बी) पीएनएस के तहत थाना धौज, जिला फरीदाबाद में दर्ज केस में वह आरोपी है। धोखाधड़ी के इस मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर सुमित कुमार कर रहा था। आरोप है कि जांच अधिकारी सुमित उससे चालान कोर्ट में पेश करने के एवज में एक लाख पचास हजार रुपए की रिश्वत की मांग की।
- रुपए देने के बहाने सब-इंस्पेक्टर को बुलाया : शिकायतकर्ता ने इस दबाव से परेशान होकर राज्य सतर्कता ब्यूरो, अंबाला में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की चर्चा और जांच के बाद ब्यूरो ने एक ट्रैप टीम गठित की। 5 दिसंबर 2025 को सतर्कता ब्यूरो की टीम ने थाना धौज के पास स्थित यश फार्म हाउस के आसपास निगरानी बैठाई, जहां शिकायतकर्ता को मुलाकात के बहाने बुलाया गया था।
- रुपए लेते रंगेहाथ पकड़ा, केस दर्ज किया गया : एसीबी अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही आरोपी सब-इंस्पेक्टर सुमित कुमार ने शिकायतकर्ता से रिश्वत के ₹1,50,000 पकड़े, वैसे ही टीम ने तुरंत उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 7, 7A भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 तथा 308(2) बीएन के तहत फरीदाबाद में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

