चंडीगढ़: चंडीगढ़ सेक्टर-10 की कोठी नंबर 575 में हुए हैंड ग्रेनेड हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को बड़ा इनपुट मिला है। एनआईए ने अदालत में खुलासा किया है कि इस केस से जुड़े 26 गवाहों की जान को गंभीर खतरा है। इस पर एजेंसी ने गवाहों की सुरक्षा और उनकी पहचान गोपनीय रखने की मांग करते हुए 2 दिन पहले चंडीगढ़ जिला अदालत में अर्जी दायर की थी। इस पर अदालत ने एनआईए की अर्जी को मंजूरी देते हुए सभी 26 गवाहों को सुरक्षा देने और उनके नाम गुप्त रखने के आदेश जारी किए हैं।
अदालत ने कहा- गवाहों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी, क्योंकि मामला आतंकियों और गैंगस्टरों से जुड़ा है। मामले की सुनवाई जिला अदालत में जारी है और इसे संवेदनशील केस मानते हुए एनआईए विशेष निगरानी में जांच कर रही है।
बब्बर खालसा के आतंकियों ने कराया था हमला
यह हमला पिछले साल 11 सितंबर 2024 को हुआ था। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकियों हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा और हैप्पी पासियां ने इस हमले की साजिश रची थी। उनके इशारे पर दो युवकों रोहन और विशाल मसीह ने सेक्टर-10 स्थित कोठी पर ग्रेनेड फेंका था। हालांकि धमाके में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन पंजाब और चंडीगढ़ की सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था। बताया गया कि हमला पंजाब के एक पूर्व पुलिस अधिकारी को निशाना बनाकर करवाया गया था, लेकिन उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थे।

