कैथल: हरियाणा के 50 और युवक अमेरिका की ट्रंप सरकार ने डिपोर्ट कर दिए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 16 युवक करनाल जिले के हैं। जबकि 14 युवक कैथल जिले से हैं। इससे पहले जनवरी से जुलाई तक भी हरियाणा के 604 युवा डिपोर्ट हुए थे। ये सभी डंकी रूट से अमेरिका में घुसे थे। इनमें से कोई कई-कई साल से अमेरिका में रह रहा था, तो कोई कुछ महीने पहले की गया। तब से ये युवा विदेश में ही रह रहे थे। इनमें से कुछेक को तो जेल में भी बंद किया हुआ था। डिपोर्ट किए गए सभी लोगों की उम्र 25 से 40 वर्ष के बीच है। कोई जमीन बेचकर अमेरिका गया तो किसी ने कर्जा लिया हुआ था। फिलहाल पुलिस सभी युवाओं को कैथल की पुलिस लाइन में ले आई। डीएसपी ललित यादव की ओर से सभी युवाओं से पूछताछ की गई है। वहीं, इन युवकों में एक युवक पानीपत के इसराना का भी रहने वाला है। जिसकी पहचान साहिल के रूप में हुई है। वह शनिवार रात को जिले में पहुंचा है। पुलिस जांच में उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।

- कैथल के 14 युवा डिपोर्ट, अभी जांच होगी: डिपोर्ट हुए कैथल के युवाओं में तारागढ़ के नरेश, पीडल के कर्ण, अग्रसेन कॉलोनी के मुकेश, कैथल के ऋतिक, जडौला के सुखबीर सिंह, हाबड़ी के अमित, बुच्ची के अभिषेक, बात्ता के मोहित, पबनावा के अशोक कुमार, सेरधा के आशीष, हाबड़ी के दमनप्रीत, सिसला के प्रभात व ढांड के सतनाम सिंह शामिल हैं। फिलहाल पुलिस की ओर से सभी युवाओं से पूछताछ की जा रही है। यह भी देखा जाएगा किया उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है।
- जहाज में बेड़ियों में बांधकर दिल्ली लाए गए: डिपोर्ट किए गए सभी युवाओं को जहाज में बेड़ियां पहनाकर बैठाया गया था। डीएसपी ललित यादव ने बताया कि पुलिस शनिवार को सभी युवाओं को दिल्ली एयरपोर्ट से कैथल लाई है। उन्हें कैथल में ही रखा गया। रविवार को पुलिस लाइन में उनका रिकॉर्ड जांचा गया। रिकॉर्ड में सभी युवा अलग-अलग आयु वर्ग के हैं।
- कोई यूरोप के बाद अमेरिका पहुंचा: ये सभी डंकी रूट से अमेरिका में गए थे। एक युवक पहले इटली गया हुआ था जो वहां से अमेरिका गया था। जब अमेरिका में उनके दस्तावेजों की जांच हुई तो वे सही नहीं मिले। उसी के आधार पर इन्हें डिपोर्ट किया गया है। अगर किसी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड मिलता है तो उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। बाकी सब को जांच पड़ताल के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
- डेढ़ एकड़ जमीन बेचकर गया था युवक: डिपोर्ट हुए एक युवक ने बताया कि वह 2 साल पहले अमेरिका गया था। वह अपनी करीब डेढ़ एकड़ जमीन बेचकर डंकी रूट से पनामा के जंगलों से होते हुए कई महीने में अमेरिका पहुंचा। मैक्सिको-अमेरिका की दीवार कूदकर जैसे ही पहुंचे, वहां पर उसे पकड़कर जेल में डाल दिया गया। तब से वह जेल में ही था। अब उसे डिपोर्ट कर दिया गया है। उनको जहाज में बेड़ियों से बांधकर लाया गया और दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारा।

