हरियाणा के पानीपत में जिला परिषद की चेयरपर्सन काजल देशवाल टर्मिनेट कर दी गई। पंचायती विकास मुख्यालय के डायरेक्टर दुश्मंता कुमार बेहरा ने ये आदेश जारी किए हैं। ये कार्रवाई पूर्व जिला परिषद ज्योति शर्मा के पति प्रदीप की शिकायत पर हुई है। प्रदीप ने आरोप लगाया था कि जिला परिषद अध्यक्ष काजल देशवाल का चुनाव में नामांकन के समय लगाया जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंचायत विभाग के निदेशक ने इसकी जांच के आदेश दिए थे। निदेशक ने उपायुक्त और उपायुक्त ने इसकी जांच अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपी थी। अतिरिक्त उपायुक्त ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के डीएम को पत्र लिखकर काजल देशवाल के मायका की रिपोर्ट मांगी थी। सभी रिपोर्ट और काजल के बयानों के आधार पर शुक्रवार शाम को काजल को टर्मिनेट कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश का खंगाला गया था रिकॉर्ड
सहारनपुर डीएम ने काजल देशवाल के सामान्य जाति के होने की रिपोर्ट एडीसी को दी थी। इस बीच काजल देशवाल ने सहारनपुर डीएम को दोबारा जांच कराने की मांग की थी। उनकी दोबारा जांच कराई। जिसमें सहारनपुर जिले के धुन्ना गांव से उनके पिता और भाई की शिक्षा संबंधित रिकार्ड की भी जांच कराई। गांव के राजकीय स्कूल से 1956 से 1963 तक रिकॉर्ड की जांच की गई तो काजल देशवाल के पिता नरेश हिंदू राजपूत मिले। जबकि यह आरक्षित वर्ग में नहीं आती। डीएम ने इसकी रिपोर्ट एडीसी पानीपत को मेल के माध्यम दी।
ACS से करेंगे अपील: संदीप देशवाल
वहीं, इस बारे में चेयरपर्सन काजल देशवाल के पति संदीप देशवाल का कहना है कि हालांकि मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। वहीं, ये फैसला डायरेक्टर का है। वे अपना पक्ष ACS के समक्ष रखकर फैसला के खिलाफ अपील करेंगे।

