
फतेहाबाद। फतेहाबाद जिला परिषद की चेयरपर्सन सुमन खीचड़ व उनके पति सुभाष खीचड़ का कहना है कि वे विधानसभा चुनाव लडऩे के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। वे फतेहाबाद से भाजपा की टिकट के संभावित उम्मीदवार ही नहीं बल्कि प्रबल उम्मीदवार हैं। यदि पार्टी ने उनको मौका दिया तो वे जरूर चुनाव लड़ेंगे, यदि टिकट नहीं मिला तो वे चुनाव लड़कर पार्टी द्वारा उतारे गए प्रत्याशी व पार्टी का तन-मन-धन से साथ देंगे। सुमन सुभाष खीचड़ आज अमात्रा रिजॉट्र्स में फतेहाबाद प्रेस क्लब के साथ चाय पर चर्चा कर रहे थे। कार्यक्रम में पहुंचने पर क्लब अध्यक्ष विजय मेहता, मदन गर्ग, कपिल शर्मा, संजय आहुजा, कोषाध्यक्ष विनोद शर्मा, प्रवक्ता योगेश अरोड़ा, जितेंद्र मोंगा, ललित मेहता, विष्णु नाढ़ोड़ी, राजेश भादू, विनोद अरोड़ा, सतीश खटक, राजेंद्र राजपूत, मुकेश नारंग, सन्नी ग्रोवर, दीपक शर्मा ने बुके भेंट कर उनका स्वागत किया। सुमन खीचड़ व सुभाष खीचड़ ने कहा कि वे राजनीति में अचानक से नहीं आए हैं, इसके लिए उन्होंने काफी मेहनत की और राजनीतिक जीवन को जीकर इसे समझा है। राजनीति में आने के बाद जीवन सामाजिक हो जाता है, जो जो चीजें राजनीति जीवन के लिए चाहिए, वो डेवलप की। इसमें सफलता और असफलता होती हैं, लेकिन यूटर्न नहीं होता। वे भी विधानसभा चुनाव लडऩे की तैयारी में हैं। यदि टिकट मिला और जीत गए तो वे क्षेत्र में इंडस्ट्री, शिक्षा में पिछड़ेपन को दूर करेंगे और नशे के खिलाफ सामाजिक पहल को शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए बड़ी चुनौती है, पुलिस व सरकार अपने अपने स्तर पर अच्छा काम कर रहे हैं। लेकिन इसके खिलाफ हमें समाज में ही लड़ाई लडऩी होगी। गांवों में हालात बहुत बुरे हैं। जब बेटा अपनी मां की बालियां छीन ले या मां अपने कमरों को ताला लगाए कि कहीं बेटा सामान न बेच दे तो इससे बुरे हालात हो नहीं सकते। गांव मोहल्लों में जब तक लोग अपने स्तर पर पहरेदारी नहीं करते, तब तक नशा खत्म नहीं होगा। क्योंकि बेचने वाले भी हमारे अपने हैं और इसे प्रयोग करने वाले भी हमारे अपने हैं। उन्होंने बताया कि जिला परिषद की तरफ से नशे के खिलाफ ड्रग डी एडिक्शन सेंटर खोलने और हर ब्लाक स्तर पर 100 बेड के सेंटर की मांग उठाई गई थी।

जिला परिषद के कार्यों के बारे में उन्होंने बताया कि जिला परिषद द्वारा मार्केटिंग बोर्ड की सड़कों का काम करवाया जा रहा है, पीएचसी व सीएचसी पर काम हो रहा है, आंगनबाड़ी केंद्र सुधारे जा रहे हैं, नए बनाए जा रहे हैं, स्कूलों में साफ सफाई, शौचालय बनाने के काम हो रहे हैं। बहुत से टैंडर हो चुके हैं और होने वाले हैं। बाढ़ ग्रस्त या अन्य 163 सड़कों की स्पेशल रिपेयरङ्क्षग, पेचवर्क का काम चल रहा है, कुछ बची हैं, उन पर भी जल्द काम होगा। बाढ़ प्रभावित सड़कों में अब साइफन डलवाए जा रहे हैं। जिला परिषद मीटिंगों में विधायक की दखलअंदाजी के सवाल पर उन्होंन ेकहा कि विधायक भी हाऊस के सदस्य हैं तो सभी सदस्य मिलकर योजना बनाते हैं, ऐसा नहीं कि कोई दबाव होता है। परिवार है, कभी हमारा प्रभाव ज्यादा तो कभी किसी और का ज्यादा होता है। दबाव होता तो 26 करोड़ के टेंडर नहीं लगते। अधिकारियों से टकराव के सवाल पर उन्होंने काह कि कभी किसी काम पर ना नुकर हो तो कुछ बातें आपस में हो जाती हैं, मनमुटाव हो जाते हैं, टकराव कभी नहीं होते। सुमन खीचड़ ने बताया कि उनका गांव बरसीन मॉडल गांव के तौर पर विकसित हो रहा है। यहां पर गांव की फिरनी को पक्का करवा दिया गया है, 100 प्रतिशत गलियां इंटरलोक हो गई हैं, मुख्य रोड पर पौधारोपण करवा दिया गया है, स्ट्रीट लाइटें ठीक करवा दी गई हैं। जोहड़ का काम चल रहा है। पानी की अच्छी व्यवस्था है और निकासी भी बेहतर करवा दी गई है। नहरी खालों को लेकर काम रुके हैं, उन्हें शुरू करवाया जा रहा है और खेतों के रास्ते अभी पेंडिंग रह गए हैं।
पीपीपी को लेकर उनके द्वारा सरकार को भेजे गए सुझावों के सवाल पर सुभाष खीचड़ ने कहा कि फैमिली आईडी सरकार की कमाल की योजना है। क्योंकि पहले राशन कार्ड बनाने में जूतियां घिस जाती थी, पहले एससी वर्ग को ही सुविधाएं दी जाती थी, लाभ दिए जाते थे, अब सामान्य वर्ग भी इसमें आ गए हैं, जिनकी आय 1.80 लाख से नीचे हैं तो यह बहुत अच्छी योजना है। कुछ इनमें शिकायतें आ रही हैं, उनको प्रशासन और सरकार दूर करवारहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला परिषद का अब तक बजट लगा दिया गया है। हरियाणा में पहली बार शहीदी स्मारक को लेकर जिप ने बजट पास किया। सभी गौशालाओं को बजट दिया गया, स्कूलों को प्राथमिकता रदी गई, किसानों के लिए काम किए, स्कूलों में शेड, कमरों, शौचालयों का निर्माण करवाया, तीनों विधानसभा में एक समान बजट वितरण हुआ। जो पहले नहीं हुआ था।

