हरियाणा कैबिनेट मीटिंग में देसी शराब के बॉटलिंग प्लांट को लेकर विवाद हो गया। 4 साल से बंद पड़े प्लांट को खोलने के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी के 3 मंत्रियों के बीच लंबी चर्चा हुई। एक मंत्री ने सुझाव दिया कि देसी बाटलिंग प्लांट जो कि 2020-21 में बंद कर दिए गए थे, उन्हें शुरू किया जाए। मंत्री के सुझाव पर कैबिनेट के 2 मंत्रियों ने ऑब्जेक्शन कर दिया।
इसके चलते इस मुद्दे पर काफी देर तक मंत्रियों के बीच बहस होती रही। आखिरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दोनों बिंदुओं पर गौर करने की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि इस पर चर्चा करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। इसके बाद मंत्री शांत हुए।

दामों में आंशिक बढ़ोतरी
हरियाणा की नायब सरकार ने नई एक्साइज पॉलिसी (2024-25) को मंजूरी दे दी है। इस पॉलिसी से राज्य में शराब के दामों में कुछ बढ़ोतरी होने के आसार हैं। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि हरियाणा से सटे राज्यों में शराब की तस्करी न हो पाए। नई पॉलिसी में शराब के ठेकों की संख्या बढ़ाने पर सहमति नहीं बन पाई। इसलिए, सूबे में नई पॉलिसी के तहत शराब ठेकों की संख्या पहले की तरह 2400 ही रहेगी।
पंचकूला शहर में चंडीगढ़ की तर्ज पर आधी रात के बाद बार-रेस्टोरेंट खोलने के लिए अलग से फीस तय की गई है। गुरुग्राम में मैरिज पैलेस में फंक्शन के लिए शराब खरीदने के लिए 3 ऑप्शन रखे गए हैं। इससे पहले यहां पर 2 ऑप्शन मौजूद थे और लोगों से महंगे दाम वसूले जा रहे थे।

12 सौ करोड़ रेवेन्यू का टारगेट
कैबिनेट मीटिंग में आबकारी नीति को मंजूरी देते हुए 2024-25 के लिए 1200 करोड़ रुपए के राजस्व का लक्ष्य रखा गया है। आबकारी विभाग ने पिछले वर्ष के 1100 करोड़ रुपए के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है। 2024-25 के लिए आईएमएफएल का अधिकतम मूल कोटा 700 लाख प्रूफ लीटर और देसी शराब का अधिकतम मूल कोटा 1200 लाख प्रूफ लीटर होगा। आईएमएफएल और देशी शराब के लिए 2023-24 में शुरू की गई QR कोड आधारित ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली को आयातित विदेशी शराब पर भी लागू किया जाएगा।

