चंडीगढ़: चंडीगढ़ स्पेशल कोर्ट ने 272 ग्राम हेरोइन बरामदगी मामले में नाइजीरियाई नागरिक चुक्स की नियमित जमानत याचिका आज खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी पहले जमानत मिलने के बाद ट्रायल के दौरान फरार हो गया था और न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग किया था। उसे दोबारा राहत नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि मामला अब अंतिम चरण में है। केस में ज्यादातर गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और अब केवल एक महत्वपूर्ण गवाह की गवाही बाकी है। ऐसे समय पर आरोपी को जमानत देने से केस की सुनवाई पर असर पड़ सकता है।
- तलाशी में 272 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी: मामला इंडस्ट्रियल एरिया थाना में 27 अक्टूबर 2021 को दर्ज एनडीपीएस एक्ट की एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार आरोपी चुक्स को ट्रिब्यून चौक से इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 जाने वाली स्लिप रोड के पास संदिग्ध हालत में पकड़ा गया था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 272 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी, जो व्यावसायिक मात्रा (कमर्शियल क्वांटिटी) की श्रेणी में आती है।
- जमानत मिलने के बाद ट्रायल से हो गया था गायब: जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश कर दिया और मामले की सुनवाई शुरू हो गई। सुनवाई के दौरान आरोपी चुक्स को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिल गई थी, जिसके बाद वह जेल से बाहर आ गया।
- नोटिस जारी करने के बावजूद वह पेश नहीं हुआ: मामले की सुनवाई आगे बढ़ती रही और अधिकांश गवाहों के बयान भी दर्ज हो गए। जब केस अपने अंतिम चरण में पहुंच गया और केवल कुछ महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही बाकी रह गई, तभी आरोपी ने अदालत में आना बंद कर दिया। कई बार बुलाने और नोटिस जारी करने के बावजूद वह पेश नहीं हुआ।
- पुलिस और अदालत की नजरों से बचता रहा: इसके बाद अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। करीब चार साल पुराने इस मामले में आरोपी लंबे समय तक पुलिस और अदालत की नजरों से बचता रहा। आखिरकार 12 मार्च 2026 को पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने फिर से नियमित जमानत की मांग की, लेकिन अदालत ने उसकी पिछली हरकतों और फरार रहने के रिकॉर्ड को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया।
- वीजा भी हो चुका समाप्त: सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि आरोपी चुक्स नाइजीरिया का नागरिक है और भारत में रहने के लिए मिला उसका वीजा काफी पहले समाप्त हो चुका है। अदालत में आरोपी की ओर से ऐसा कोई दस्तावेज पेश नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि उसके वीजा की अवधि बढ़ाई गई थी या उसे भारत में रहने की कोई नई कानूनी अनुमति मिली थी।

