चंडीगढ़: चंडीगढ़ में सोमवार से शुरू हो रहा कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) इंडिया रीजन का जोन-II सम्मेलन इस बार केवल औपचारिक संसदीय बैठक नहीं होगा, बल्कि विकसित भारत-2047, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भविष्य की भूमिका जैसे अहम विषयों पर राष्ट्रीय स्तर की चर्चा का मंच बनेगा। 8 से 10 जून तक चलने वाले इस सम्मेलन की मेजबानी हरियाणा विधानसभा कर रही है। इसमें देश की 15 विधानसभाओं के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, विधायक, संसदीय विशेषज्ञ और नीति निर्माता हिस्सा लेंगे।

AI और मानवाधिकार पर भी होगी चर्चा
सम्मेलन की सबसे खास बात यह है कि इसमें पहली बार तेजी से बदलती तकनीक और उसके लोकतंत्र पर प्रभाव को भी प्रमुख एजेंडे में शामिल किया गया है। 9 जून को होने वाले विशेष सत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानवाधिकार, विधायी निकायों के समक्ष चुनौतियां विषय पर चर्चा होगी। हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (HIPA) के महानिदेशक मनोज यादव इस विषय पर प्रस्तुति देंगे। AI के बढ़ते उपयोग, डेटा सुरक्षा, निजता के अधिकार और कानून निर्माण की चुनौतियों पर यह सत्र केंद्रित रहेगा।
