चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने निवेशकों, उद्योगों और आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) प्रक्रिया को बेहद आसान बनाने का फैसला किया है। प्रशासनिक सुधारों के तहत अब भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति के लिए पहले की तरह 19 दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि केवल 3 दस्तावेजों के आधार पर आवेदन किया जा सकेगा। सरकार का दावा है कि इससे मंजूरी प्रक्रिया तेज होगी, लालफीताशाही कम होगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव केके पाठक और संबंधित विभागों को रेगुलेटरी रिफॉर्म को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य मंजूरियों में लगने वाले समय को कम करना और उद्योगों के लिए कारोबार करना आसान बनाना है। सरकार के इस फैसले के बाद सूबे में लगभग 70 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में अब CLU अनुमति की आवश्यकता नहीं रहेगी। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत करने के साथ-साथ एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए भूमि उपयोग नियमों में भी लचीलापन ला रही है।
