चंडीगढ़: हरियाणा की पहलवान विनेश फोगाट को एशियाई खेल 2026 के चयन ट्रायल में शामिल होने की अनुमति देने के मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने WFI की याचिका को निष्फल मानते हुए खारिज कर दिया। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और अरविंद कुमार की पीठ ने कहा कि अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं, इसलिए इस याचिका पर फैसला देने की जरूरत नहीं रह गई है। हालांकि, अदालत ने साफ किया कि मामले से जुड़े सभी कानूनी सवाल अभी भी खुले हैं और उन पर बाद में विचार किया जा सकता है।
क्या था मामला?
दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 मई को विनेश फोगाट को एशियाई खेल 2026 के लिए होने वाले चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी थी। इस आदेश के खिलाफ WFI सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी 29 मई को विनेश फोगाट को 30 और 31 मई को होने वाले चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी थी।
WFI ने क्या कहा?
\WFI की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डीएन गोबुरधुन ने अदालत को बताया कि विनेश फोगाट चयन ट्रायल में शामिल हुईं, लेकिन चयनित नहीं हो सकीं। उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने महासंघ के फैसलों को लेकर कुछ कड़ी टिप्पणियां की थीं, जिन्हें रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए। वकील ने दलील दी कि हाईकोर्ट की टिप्पणियां दुर्भावनापूर्ण और निंदनीय थीं और मामला अभी भी एकल पीठ के समक्ष लंबित है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की टिप्पणियों पर कोई राय देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि उसके आदेश को हाईकोर्ट की टिप्पणियों का समर्थन या पुनरावृत्ति नहीं माना जाना चाहिए। पीठ ने कहा कि चूंकि चयन ट्रायल हो चुके हैं और मामला व्यावहारिक रूप से समाप्त हो गया है, इसलिए WFI की याचिका अब बेअसर हो चुकी है।

