ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लोव ने संसद में अपने एक भाषण से ब्रिटेन के ग्रूमिंग गैंग कांड पर फिर से बहस छेड़ दी है। उन्होंने इस भाषण में पीड़ितों की गवाही पढ़ी। उन्होंने संसद को बताया कि रेप गिरोह की दो हफ्तों की जांच की सुनवाई के दौरान जो बातें कही गईं, उसे पूरी दुनिया को सुननी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि एक पीड़ित से 13 से 16 साल की उम्र के बीच 600-700 अलग-अलग पुरुषों ने रेप किया। लोव ने कहा, ब्रिटेन के कम से कम 85 इलाकों में संगठित बाल यौन शोषण के संकेत मिले हैं। संसद में पढ़ी गई गवाहियों में सामूहिक दुष्कर्म, हिंसा, धमकी और नस्लीय अपमान के आरोप शामिल थे।
एक गवाही में कहा गया कि पीड़ित को ड्रग्स देकर कई लोगों के हवाले किया जाता था। उन्हें पिंजरों में कैद रखा जाता था। दूसरी पीड़ित ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जाती थी। रूपर्ट लोव ने कहा- अब इन मामलों पर चुप नहीं रहा जा सकता। पिछले साल अगस्त में लोव ने कहा था कि रेप कांड में मुख्य रूप से पाकिस्तानी मूल के पुरुष शामिल हैं। ये दशकों से गैंग चला रहे हैं और इनकी संख्या अनुमान से कहीं ज्यादा हैं।

सांसद ने कई रेप विक्टिम की आपबीती सुनाई, 5 किस्से
- लोव के संसद में दिए भाषण के मुताबिक, एक पीड़ित ने कहा- आरोपी ने अपनी पैंट उतारी, मेरा रेप किया। फिर उसने एक खाली बोतल उठाई और उसे जबरदस्ती मेरे प्राइवेट पार्ट के अंदर डाल दिया और बोतल का शीशा तोड़ दिया। उस समय मेरी उम्र लगभग 12 या 13 साल थी।
- लोव ने एक और पीड़ित की कहानी बताई। पीड़ित ने कहा- उन पुरुषों ने मुझे पकड़ रखा था और बारी-बारी से मेरे साथ रेप किया, मेरे हाथ-पैर भी दबाए रखे। उन्होंने मुझे बार-बार पीटा, किसी को घटना के बारे में बताने पर जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।
- जांच के दौरान एक पीड़ित ने कहा- आरोपी लगातार ऐसे कमेंट करते थे, जिनसे लगता था कि वे श्वेत और ईसाई लड़कियों को कम नैतिक या निचले दर्जे वाली मानते थे। कुछ पुरुष मुस्लिम लड़कियों को इज्जतदार और उच्च मूल्यों वाली बताते थे। इस तरह वे हमारे साथ किए व्यवहार को सही ठहराते थे।
- ब्रिटिश सांसद ने एक और महिला की कहानी बताते हुए दावा किया कि उसके साथ रेप करने वाले आरोपी पुलिस अधिकारी थे। गवाही में कहा गया- देश के अलग-अलग हिस्सों में कई पुलिस अधिकारियों ने मेरा रेप किया।
- एक पीड़ित ने अपनी गवाही में कहा- यह तब शुरू हुआ जब मैं 13 साल की थी। तीन साल में लगभग छह या सात सौ अलग-अलग पुरुषों ने मेरा रेप किया। एक पीड़ित के मुताबिक, जब वह अस्पताल गई तो वहां कर्मचारियों को आपबीती बताई, लेकिन उन्होंने कोई सवाल नहीं पूछा और दवाई देकर छुट्टी दे दी।

