चंडीगढ़: हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई. पूरन कुमार के सुसाइड के आठवें दिन भी पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया। मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने चंडीगढ़ में CM आवास पर विधायकों और मंत्रियों से मीटिंग की।
सूत्रों के मुताबिक DGP को छुट्टी भेजने और रोहतक SP को हटाने के बाद सरकार अब IPS के परिवार से बातचीत के मूड में नहीं है। मीटिंग में स्पष्ट रूप से कहा गया कि पोस्टमॉर्टम के बाद ही परिवार से कोई बात की जाएगी।
चंडीगढ़ पुलिस पूरन कुमार के शव की पहचान और पोस्टमॉर्टम को लेकर कोर्ट पहुंच गई है। कोर्ट ने परिवार को नोटिस जारी कर 15 अक्टूबर तक जवाब देने को कहा है। अगर परिवार जवाब नहीं देता है, तो कोर्ट अपने हिसाब से मामले पर फैसला करेगा।
सुबह IPS के परिवार से मिलने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार तमाशा बंद कर दे। परिवार पर प्रेशर डाला जा रहा है। यह नहीं होना चाहिए। हरियाणा सरकार अफसरों को अरेस्ट करे और दिवंगत IPS का अपमान न करे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी एक्शन लेने की अपील की।
वहीं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी IPS को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि परिवार की हर मांगें पूरी की जाएगी। इससे पहले हरियाणा सरकार ने DGP शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया। उनकी जगह ओम प्रकाश सिंह को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
उधर, रोहतक के साइबर सेल में तैनात ASI संदीप कुमार ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अपने आखिरी वीडियो में संदीप ने आरोप लगाया कि IPS पूरन कुमार ने करप्शन केस में बदनामी के डर से सुसाइड किया है। संदीप ने यह भी कहा कि पूरन कुमार का गनमैन सुशील कुमार, उन्हीं के कहने पर रिश्वत लेने जाता था।

