पंचकूला: हरियाणा पुलिस मुख्यालय स्तर से एक क्लिक पर प्रदेश की सभी फील्ड यूनिट्स में लंबित शिकायतों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। काफी समय से लंबित मामलों का स्वतः संज्ञान लिया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। पंचकूला पुलिस मुख्यालय में DGP अजय सिंघल ने 69वीं स्टेट एम्पावर्ड कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। जिसमें फील्ड यूनिट के कई वरिष्ठ अधिकारियो ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भाग लिया। एससीआरबी प्रमुख शिवास कविराज ने बैठक में एससीआरबी द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक में डीजीपी ने शिकायत तंत्र को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सशक्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एफआईआर एवं कंप्लेंट मॉड्यूल की हॉटस्पॉट मैपिंग की जाए, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि CCTNS के माध्यम से शिकायतों की निरंतर मॉनिटरिंग के साथ-साथ उनके समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण पर विशेष फोकस किया जाए।
सुपरविजन को और सुदृढ़ करने पर बल
DGP सिंघल ने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रणाली की सफलता मजबूत सुपरविजन पर निर्भर करती है। उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करें, लंबित मामलों की बारीकी से निगरानी करें और अधीनस्थ कर्मचारियों का मार्गदर्शन करते हुए कमियों को समय रहते दूर करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक, एससीआरबी नितिका गहलोत ने बताया कि डिजीलॉकर के साथ हरियाणा पुलिस की सेवाओं का सफल समन्वय किया गया है। अब हरियाणा पुलिस द्वारा जारी किए जाने वाले विभिन्न प्रमाण-पत्र डिजीलॉकर में सुरक्षित रूप से संग्रहित किए जा सकेंगे, जिससे नागरिकों को डिजिटल सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा।

