चंडीगढ़: हरियाणा श्रम विभाग में वर्क स्लिप घोटाले को लेकर मंत्री अनिल विज ने बड़ी कार्रवाई की है। तीन महीने की जांच के बाद हिसार समेत 6 जिलों में गड़बड़ियां सामने आईं, जिसके बाद विज ने तीन श्रम निरीक्षकों को निलंबित करने के आदेश दिए। श्रम आयुक्त डॉ. मनीराम शर्मा ने तुरंत निलंबन आदेश जारी कर दिए। जांच में सामने आया कि फर्जी वेरिफिकेशन का काम श्रम विभाग के निरीक्षकों और विकास एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से किया गया था। निलंबित किए गए अधिकारियों में बहादुरगढ़ झज्जर सर्कल-2 के लेबर इंस्पेक्टर राज कुमार, सोनीपत सर्कल-2 के रोशन लाल और फरीदाबाद सर्कल-12 के धनराज शामिल हैं।
2023 से 2025 तक बनाए गए फर्जी सर्टिफिकेट
हरियाणा बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर वेलफेयर बोर्ड के सचिव ने जांच रिपोर्ट दी है, जिसके आधार पर तीनों पर अगस्त, 2023 से मार्च, 2025 के बीच कंस्ट्रक्शन स्थलों या कामगारों का वास्तव में दौरा किए बगैर फर्जी वर्क-सर्टिफिकेट मंजूर किए थे।
राज कुमार ने 44168, रोशन लाल ने 51748 और धन राज ने 35128 वर्क-स्लिप/सर्टिफिकेट मंजूर किए थे। वहीं पंचायत विभाग के अधिकारियों को दोषी अधिकारियों निलंबित करने के लिए विकास एवं विभाग के आयुक्त एवं सचिव को पत्र भेजे जा चुके है।
