हरियाणा में लोगों ने नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) द्वारा शुरू की गई हेल्पलाइन 104 पर इसकी शिकायत की है। इन शिकायतों में लोगों ने कहा है कि डॉक्टरों का व्यवहार मरीजों के साथ ठीक नहीं है। साथ ही डॉक्टर समय पर अस्पताल में नहीं मिलते हैं। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने संबंधित जिलों के नोडल अधिकारियों को इन सभी मामलों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री राव ने कहा है कि एनएचएम की इस पहल के परिणाम आने शुरू हो गए हैं। हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों को विभाग ने गंभीरता से लिया है, इनमें से अधिकतर शिकायतों का निवारण कर दिया गया है, जल्द ही शेष शिकायतों का भी समय रहते समाधान कर दिया जाएगा।

डॉक्टरों के बर्ताव की 65 शिकायतें आई
एनएचएम ने 104 हेल्पलाइन सरकारी अस्पतालों में आमजन की सुविधा के लिए शुरू की है। हरियाणा में इस हेल्पलाइन 104 के जरिए कुल 409 शिकायतें मिली हैं। इनमें से 337 का विभाग निपटान कर चुका है, जबकि 72 पर जांच चल रही है। इनमें से अधिकतर शिकायतें प्रदेश के अस्पतालों की सफाई व्यवस्था से जुड़ी हैं। खास बात यह है कि इन शिकायतों के अलावा 65 वे शिकायतें हैं, जो सीधे तौर पर डॉक्टरों के बर्ताव से जुड़ी है। किसी ने डॉक्टर पर सही तरीके से बात न करने का आरोप लगाया है तो कहीं डॉक्टर की गैरमौजूदगी को लेकर अपनी बात रखी है।
तीन जिलों से सबसे ज्यादा शिकायतें
हरियाणा के नूंह, करनाल और गुरुग्राम जिलों से डॉक्टरों के खिलाफ सबसे अधिक शिकायतें अब तक मिली हैं। हालांकि नेशनल हेल्थ मिशन की टीम द्वारा सोनीपत जिले की एक शिकायत को बड़ी गंभीरता से लिया है। इस शिकायत को डीजीएचएस के पास कार्रवाई के लिए भेजा गया है। इस शिकायत में सोनीपत सरकारी अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ नर्स पर डिलीवरी के दौरान गलत बर्ताव करने का आरोप लगाया है।
एम्बुलेंस ड्राइवर और ईएमटी की मिल रहीं शिकायतें
प्रदेश में 567 एंबुलेंस चल रही है। एनएचएम को अधिकतर शिकायतें मिल रही है कि एम्बुलेंस पर रोस्टर के मुताबिक ड्राइवर और ईएमटी काम नहीं कर रहे हैं। बाकायदा एक-दूसरे के स्थान पर डयूटी करते हैं या कुछ समय के लिए गायब रहते हैं। लिहाजा अब इस पर नकेल कसने के लिए एनएचएम ने कॉलिंग सिस्टम शुरू किया है। बाकायदा एक टीम भी तैयार की गई है। जो दिनभर प्रदेश के सभी जिलों के एम्बुलेंस चालकों को उनके एमडीटी नंबरों पर कॉल करके असलियत का पता लगाएगी। अगर इस दौरान कोई एंबुलेंस चालक झूठ बोलेगा तो उसे आने वाले दिनों में अपनी नौकरी से भी हाथ धोने पड़ सकते हैं।
सभी शिकायतों का रखा जाएगा रिकॉर्ड
नोडल अधिकारी डॉ. गादविंद्र सिंह का कहना है कि पंचकूला में कॉल सेंटर भी बनाया गया है। जहां कॉल सेंटर पर बैठे सीट एजेंट द्वारा सभी कॉल्स को रिसीव किया जा रहा है। इसके लिए एजेंटों को ट्रेनिंग भी मुहैया करवाई गई है। एजेंट संबंधित कॉल का न केवल रोगी व तीमारदार को रिस्पांस देते है बल्कि उससे जुड़ी दिक्कतों को भी दूर करने का भी प्रयास करते हैं। हेल्पलाइन के साथ एनएचएम और डीजीएचएस ऑफिस द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में चलाए जा रहे सभी कार्यक्रमों को शामिल किया जाएगा ताकि किसी भी रोगी से जुड़ी हर समस्या को दूर किया जा सके।

