सिरसा: हरियाणा में सिरसा जिले के एक परिवार को एक ही दिन में 2 सदस्यों की मौत का गम झेलना पड़ा। यहां पहले लंबी बीमारी के बाद बेटे ने दम तोड़ दिया। जब उसकी मौत की सूचना पिता को मिली तो पिता की भी तबीयत बिगड़ गई और शाम तक पिता की भी मौत हो गई। इन दोनों की एक ही दिन अर्थी घर से निकली और सुबह-शाम के अंतराल में दोनों का अंतिम संस्कार हुआ। मृतकों की पहचान 37 वर्षीय सुरेश कुमार और उनके पिता 58 वर्षीय प्रभुदयाल के रूप में हुई है। ये सिरसा के रूपवास गांव के रहने वाले थे। प्रभुदयाल के 5 बच्चे थे, जिनमें सुरेश कुमार सबसे बड़े थे। वहीं, सुरेश कुमार भी शादीशुदा थे और 2 बेटों व 2 बेटियों के पिता थे। परिजनों का कहना है कि प्रभुदयाल को अंतिम समय में पोते और पोतियों की शादी की चिंता थी। इस घटना से पूरा क्षेत्र हैरान रह गया।
लंबे समय से बीमार था बेटा, घर में दवाई खा रहा था
जानकारी के अनुसार, सुरेश कुमार करीब डेढ़ महीने से बीमार थे। उन्हें उल्टी-दस्त की ही समस्या थी, लेकिन अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। जब वह थोड़ा ठीक महसूस करने लगे तो परिजन उन्हें अस्पताल से घर ले आए। हालांकि, उनकी लगातार दवाई चल रही थी। इसके बाद मंगलवार, 29 जुलाई की शाम को सुरेश की अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। जब सुरेश की मौत का परिजनों को पता चला तो वे उनके शव को घर न ले जाकर खलिहान ले गए, क्योंकि रात को वह घरवालों को परेशान नहीं करना चाहते थे।
रातभर खलिहान में रखा सुरेश का शव
रातभर सुरेश कुमार का शव खलिहान में रखा गया। इसके बाद सुबह परिजन सुरेश के शव को लेकर पड़ोसी के घर पहुंचे। वहां जब भीड़ जमा होने लगी तो सुरेश के पिता प्रभुदयाल भी मामला जानने के लिए पहुंचे। जब प्रभुदयाल को बेटे की मौत की सूचना मिली तो उसी समय उनकी तबीयत बिगड़ गई। बेटे के शव को देखकर प्रभुदयाल वहीं बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद घर के अन्य लोगों को भी सुरेश की मौत का पता चल गया। परिजनों ने सुरेश की मौत पर शोक जताया और उन्हें अंतिम विदाई दी। हालांकि, बेटे की शव यात्रा में पिता प्रभुदयाल नहीं जा सके।
बेटे की चिता को अग्नि देकर लौटे लोगों को पिता की मौत की सूचना मिली
जब, लोग सुरेश की चिता को अग्नि देकर लौटे तो घर आकर पता चला कि प्रभुदयाल की भी मौत हो गई है। जैसे ही प्रभुदयाल की मौत हुई तो इसकी सूचना भी फैल गई। गांव में शोक मनाया गया। इसके बाद बुधवार शाम करीब 4 बजे उनके शव का भी अंतिम संस्कार कर दिया गया।
