हरियाणा विधानसभा की विशेषाधिकार समिति (प्रिविलेज कमेटी) की पहली बैठक मंगलवार को हुई। इसमें कुरुक्षेत्र के थानेसर से कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा के साथ हाथापाई मामले पर सुनवाई हुई। कमेटी के अध्यक्ष मूलचंद शर्मा ने बताया कि बैठक में विधायक अशोक अरोड़ा से पूरे मामले की जानकारी और सबूत लिए गए। उन्होंने कहा कि ये संवेदनशील विषय है। कमेटी तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष फैसला लेगी। कमेटी अब मामले में जिन अधिकारियों के खिलाफ शिकायत है, उनकी भी बात सुनेगी। इसके लिए EO समेत 6 लोगों को नोटिस जारी कर इसी महीने के अंत तक बुलाया गया है। मूलचंद शर्मा ने कहा कि ऐसी कुल 4 शिकायतें कमेटी के पास लंबित हैं। सभी पर जल्द सुनवाई और फैसला किया जाएगा।
अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला..
थानेसर नगर परिषद की हाउस मीटिंग में हाथापाई 23 मई को कुरुक्षेत्र में थानेसर नगर परिषद की हाउस मीटिंग में कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा और भाजपा पार्षद प्रतिनिधि के बीच हाथापाई हो गई थी। मीटिंग में बाहरी व्यक्ति, पार्षद प्रतिनिधि और मीडिया की एंट्री बैन थी। जैसे ही मीटिंग शुरू हुई तो कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने भाजपा पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र शर्मा निंदी के मीटिंग में बैठने का विरोध जताया।
गुस्से में एक दूसरे की तरफ दौड़े इसे लेकर नरेंद्र शर्मा और अशोक अरोड़ा में कहासुनी हो गई। शर्मा ने कहा कि पहले हुई मीटिंगों में पार्षद प्रतिनिधि बैठते रहे हैं, इसलिए मैं बाहर नहीं जाऊंगा। इस पर अरोड़ा और शर्मा में तू तड़ाक हो गई। दोनों अपनी-अपनी कुर्सियों से खड़े होकर दौड़े और हाथापाई शुरू हो गई। शोर सुनकर विधायक के गनमैन अंदर आए और अरोड़ा को छुड़ाया।
विधायक अरोड़ा के 2 बड़े आरोप..
1. पूर्व मंत्री के इशारे पर हुआ घटना के बाद कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने आरोप लगाया था कि पूर्व मंत्री सुभाष सुधा के इशारे पर मुझ पर हमला किया गया। मैंने पूर्व मंत्री सुभाष सुधा के 10 साल के कार्यकाल में नगर परिषद में हुए घोटाले का मामला ग्रीवेंस मीटिंग में उठाया था। सरकार से मांग करेंगे कि हाउस की बैठक पूरी सुरक्षा के बीच हो। साथ ही घोटाले की जांच किसी रिटायर्ड जज से कराई जाए।
2. हमला प्री-प्लान था, PSO ने छुड़ाया अरोड़ा ने कहा कि मुझ पर हमला प्री-प्लान था। मेरे PSO ने अंदर आकर BJP के लोगों से मुझे छुड़ाया। इस मामले को लेकर SP और DC से मुलाकात कर शिकायत दी।

