नई दिल्ली: सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती कर दी है। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई है। न्यूज एजेंसी PTI ने यह जानकारी दी। यूएस-इजराइल के साथ ईरान की जंग के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 73 डॉलर से बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। इससे तेल कंपनियों को घाटा हो रहा था। घाटा कवर करने के लिए तेल कंपनियां दाम बढ़ा सकती थीं। एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखा गया है।
मोदी ईरान जंग पर आज मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 27 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे। इसमें ईरान जंग के बाद बिगड़े हालात पर चर्चा संभव है। चुनावी राज्यों के सीएम इसमें शामिल नहीं होंगे। मोदी ने 24 मार्च को राज्यसभा में कहा था कि ईरान जंग जारी रही तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। आने वाला समय कोरोनाकाल जैसी परीक्षा वाला होगा। केंद्र और राज्य को मिलकर काम करना होगा। वहीं, सरकार ने आज देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी की खबरों को खारिज कर दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि दुनिया में कुछ भी हो जाए, भारत के पास 60 दिन का पेट्रोल, डीजल है।
नॉलेज बॉक्स: इनडायरेक्ट टैक्स है एक्साइज ड्यूटी
यह एक तरह का इनडायरेक्ट टैक्स है, जो देश के भीतर मैन्युफैक्चर होने वाले सामान पर लगाया जाता है। पेट्रोल-डीजल के मामले में, जब कच्चा तेल रिफाइनरी से साफ होकर बाहर निकलता है, तब केंद्र सरकार उस पर प्रति लीटर के हिसाब से फिक्स्ड एक्साइज ड्यूटी वसूलती है। चूंकि एक्साइज ड्यूटी फिक्स होती है, इसलिए सरकार इसमें कटौती करके आम जनता को राहत दे सकती है या इसे बढ़ाकर अपना रेवेन्यू बढ़ाती है। मौजूदा कटौती से सरकार का राजस्व कम होगा, लेकिन तेल कंपनियों को घाटा कम करने में मदद मिलेगी।

