चण्डीगढ़ : जिला फतेहगढ़ के गाँव मुछरायी खुर्द गाँव के निवासी बलजिंदर कौर व उसके परिवार को यहीं के निवासी रसूखदार हरदीप सिंह साधू के जोर जबर का सामना करना पड़ा। मसला शामलात जमीन को ठेके पर उठाने का था। बलजिंदर कौर और उनका परिवार रसूखदारों की दहशत के कारणं बेहद डरा हुआ है
इस सारे मामले की आज चण्डीगढ़ प्रेस क्लब में पत्रकारों के समक्ष खुलासा करते हुए पीड़ित बलजिंदर कौर ने बताया कि बीती 14 जून को गाँव में 22-23 किल्ले शामलात जमीन को ठेके पर उठाने के लिए बोली हुई थी जिसमें उन्होंने सबसे ज्यादा बोली लगा दी। ये बात गाँव में आम आदमी पार्टी के प्रधान हरदीप सिंह साधू को रास नहीं आई और उसने अधिकारियों, जिनमें अधीक्षक बलकार सिंह व सचिव तेजिंदर सिंह शामिल थे, से मिलीभगत करके ना सिर्फ बोली रद्द करवा दी बल्कि उसी दिन रात को लगभग साढ़े आठ बजे 15-16 गुंडा तत्वों को लेकर उनके घर पर धावा बोल कर तोड़फोड़ की व पथराव किया एवं उनके लड़कों हरजीत सिंह, कश्मीर सिंह व कोमलजीत सिंह के साथ मारपीट की, जिसमें वे घायल हो गए। जब उन्होंने 100 नंबर पर फोन किया तो पुलिस आ तो गई, पर कोई कार्यवाई किये बगैर ही लौट गई। दो घंटे बाद ये गुंडा तत्व फिर से आये व उत्पात करने लगे परन्तु इस बार जब पुलिस को फोन किया तो पुलिस वालों ने साफ़ बोल दिया कि उन्हें ऊपर से फोन आ गया है, इसलिए वे कुछ नहीं कर सकते। जब वे घायलों का मेडिकल करने सरकारी अस्पताल पहुंचे, तो वहां भी इन लोगों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया, जिस पर उन्हें प्राइवेट डॉक्टर के पास जाना पड़ा। बाद में साधू ने उलटे उन पर 307 का परचा दर्ज करवा दिया।

बलजिंदर कौर ने बताया कि इस बार 22 चुनाव में उन्होंने भाजपा के बूथ की जिम्मेदारी संभाली थी, इसलिए भी साधू को गुस्सा था। उन्होंने बताया कि हरदीप सिंह साधू हमेशा अमलोहा के विधयक गैरी वड़िंग के नाम की धौंस जमाता रहता है।
उधर प्रेस वार्ता में भाजपा के फतेहगढ़ साहिब के जिला प्रधानएफ कंवरजीत सिंह तोँडा किसी कारणवश नहीं आ पाए, परन्तु उन्होंने अपने बयान में आप पार्टी के नेतासों कि गुंडागर्दी की कड़े शब्दों में निंदा की है व पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।

