बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा कोर्ट ने शुक्रवार को बच्चों का यौन शोषण करने वाले पति-पत्नी को फांसी की सजा सुनाई। ये दोनों बच्चों का यौन शोषण करते थे और अश्लील वीडियो-फोटो बनाकर डार्क वेब के जरिए विदेशों में बेचते थे। फैसला देते समय पॉक्सो कोर्ट के जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने कहा- दोनों पति-पत्नी को मरते दम तक फंदे पर लटकाए रखा जाए। इससे पहले कोर्ट ने 18 फरवरी को दोनों को दोषी ठहराया था। पति रामभवन सिंचाई विभाग का इंजीनियर था, जबकि पत्नी दुर्गावती हाउस वाइफ थी। सीबीआई ने रामभवन को 18 नवंबर, 2020 को अरेस्ट किया था। वहीं, दुर्गावती को गवाहों पर दबाव डालकर समझौता कराने का दोषी पाया गया था।

पति-पत्नी ने 50 से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण किया
बांदा का रहने वाला रामभवन (55) चित्रकूट में सिंचाई विभाग में जेई के पद पर तैनात था। वह चित्रकूट की SDM कॉलोनी में पत्नी दुर्गावती (50) के साथ रहता था। दोनों के कोई संतान नहीं थी। रामभवन अपनी पत्नी के साथ मिलकर गरीब घरों के बच्चों को लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। दोनों मिलकर नाबालिगों का कुकर्म करते थे। बच्चों की उम्र 5 से 16 साल के बीच होती थी। बच्चों के साथ पत्नी संबंध बनाती थी, जबकि रामभवन उनसे कुकर्म करता था। इतना ही नहीं, दोनों लैपटॉप के कैमरे के जरिए बच्चों के अश्लील वीडियो भी बना लेते थे। इस दौरान अगर कोई बच्चा विरोध करता था, तो पति-पत्नी उसे मारते-पीटते थे। चिल्लाने पर उनका मुंह दबा देते थे। फिर पैसे या खिलौने, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट देने का लालच देकर उसकी जुबान बंद करा देते थे। एक बच्चे ने बताया था कि रामभवन मोबाइल फोन में गेम खेलने और यूट्यूब पर वीडियो दिखाने का लालच देकर अपने घर बुलाता था। पति-पत्नी कभी बांदा में किराए का मकान लेकर, तो कभी चित्रकूट में गंदा काम करते थे। इस दौरान पति-पत्नी ने 50 से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण किया।

इसकी शिकायत मिलने पर 31 अक्टूबर, 2020 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रामभवन के खिलाफ केस दर्ज किया। आरोप था कि वह बच्चों के अश्लील वीडियो/फोटो बनाकर डार्क वेब के जरिए अंतरराष्ट्रीय पेडोफाइल नेटवर्क तक पहुंचाता था। इसके बाद 17 नवंबर 2020 को सीबीआई ने रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को गिरफ्तार कर लिया था।
