पंचकूला: स्कूल कॉलेजों के आसपास, भीड़ भरे मार्केट में, रेजिडेंशियल इलाकों के पास, मसाज सेंटर के नाम पर जिस्मफरोशी लिए सोशल साइट्स पर विज्ञापन देकर इनवाइट किया जाता है। हरियाणा में अगर आप नजर दौड़ाएं तो स्पा, जिन्हें मसाज पार्लर भी कहा जाता है, आपको कुकुरमुते की तरह चारों ओर फैले हुए नजर आएंगे। खास बात तो यह है की इन्होंने आस्था से जुड़ी जगह भी नहीं छोड़ी, वहां पर भी स्पा सेंटर बनाए हुए हैं। बात करें पंचकूला की तो मनसा देवी मंदिर जो कि आस्था का केंद्र है। दुनियाभर के लोग यहां भक्तिभाव से आते हैं पर उसके गेट पर कई सेंटर बने हुए हैं। वैसे तो मौजूदा सत्ता भक्तिभाव दिखाती है पर यहां चल रहे सेंटरों पर प्रशासन के सामने खुले तौर पर यह सेंटर चल रहे हैं। मनसा देवी मंदिर के साथ गुरूद्वारा भी साथ में हैं। बेहद सामान्य डिस्पले बोर्ड के साथ ये स्पा यानी मसाज पार्लर अंदर से इतने सामान्य नहीं होते, जितने आपको बाहर से नजर आते हैं। स्पा के अंदर की दुनिया इतनी रंगीन होती है कि आप अंदाजा लगाना तो दूर, सोच भी नहीं सकते। बॉडी मसाज देने के नाम पर इन स्पा में जिस्म फरोशी का वो खेल होता है, जिसकी कल्पना करना भी नामुमकिन है। और यहां पर जिस्मफरोशी का खेल चल रहा है। शासन और प्रशासन खामोश है आखिर क्यों अंधेर नगरी बनाई हुई है ? इस चकाचौंध में बड़ों के साथ छात्र भी इस धंधे में आ रहे है। यह कानूनी तौर पर जायज तो है ही नहीं साथ में समाजकिता और नैतिकता के तौर पर भी ठीक नहीं है।

स्पा सेंटर के लिए क्या हैं कायदे और नियम ?
सबसे पहले तो स्पा सेंटर चलाने वाले के पास लाइसेंस होना अनिवार्य है। स्पा सेंटर कम से कम 900 स्कायर फुट एरिया में बना होना चाहिए। इसके साथ ही कमरों के दरवाजें बंद नहीं होने चाहिए। वहां पर पर्दे लगे होने चाहिए। साथ ही केवल आदमी की आदमी मसाज व महिला की महिला मसाज करेंगी पर यहां सब उल्टा है?

