फरीदाबाद: फरीदाबाद में शिक्षा विभाग एक विवाद में घिर गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) द्वारा बुधवार को जारी एक पत्र में स्कूलों को निर्देश दिया गया था कि वे कक्षाएं छोड़ने वाले और असामाजिक गतिविधियों या “लव जिहाद” में शामिल होने वाले छात्रों पर नजर रखें। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होते ही शिक्षा कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों के निशाने पर आ गया। तीखी आलोचना के बाद विभाग ने यह पत्र एक दिन बाद ही वापस ले लिया। पत्र में जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को आदेश दिया गया था कि वे छात्रों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दें। निर्देश में कहा गया था कि स्कूल शुरू होने के आधे घंटे बाद ही अटेंडेंस दर्ज की जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई छात्र बीच में स्कूल छोड़कर बाहर न जाए। पत्र के वायरल होने के बाद शिक्षा जगत और सामाजिक संगठनों ने इसे भेदभावपूर्ण और अनुचित बताया। कई शिक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह के निर्देश छात्रों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर सकते हैं। राजनीतिक नेताओं ने भी विभाग की नीयत पर सवाल उठाते हुए इसे “सामाजिक सौहार्द के खिलाफ” बताया।

