पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला में पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत का खुलासा करने के लिए एसआईटी लगातार प्रयास कर रही है। 29 नवंबर को भी देर रात तक उनके 4 नौकरों के बयान दर्ज किए गए हैं। पंचकूला एसआईटी टीम ने बुधवार को मुस्तफा की कोठी पर काम करने वाले 4 नौकरों से पूछताछ की है। वहीं 3 नौकरों से वीरवार को पूछताछ की जाएगी। नौकरों से पूर्व डीजीपी और उनके बेटे के बीच आपसी संबंधों के बारे में पूछताछ की। पुलिस सूत्रों की मानें तो नौकरों ने कुछ ऐसी बातें बताई हैं, जिनमें दोनों के बीच मनमुटाव की बातें सामने आई हैं। पुलिस उन लोगों से लिए गए बयानों की समीक्षा कर रही है।
पुलिस ने अकील की पत्नी के अलग मकान में रहने की कहानी जानने का भी प्रयास कर रही है, लेकिन अभी तक उसका कुछ पता नहीं लग पाया है। अकील की पत्नी के बारे में बताया जा रहा है कि पति-पत्नी की लड़ाई के बाद दोनों अलग रहते थे। इसकी वजह को पुलिस वेरिफाई करने में जुटी हुई है।
आज ले सकती है राइटिंग सैंपल
पुलिस अकील अख्तर के राइटिंग सैंपल अभी तक नहीं ले पाई है। पुलिस सूत्रों की मानें तो आज उसके कॉलेज-यूनिवर्सिटी से जाकर राइटिंग सैंपल लिए जा सकते हैं। रूटीन में पुलिस सिग्नेचर से ही वेरिफाई कर लेती है और बैंक से सिग्नेचर लेती है। लेकिन हाईप्रोफाइल केस होने और नोट की संख्या अधिक होने के कारण वैरिफिकेशन के लिए भी बड़ा सैंपल जरूरी हो गया है।
1985 बैच के IPS, कैप्टन अमरिंदर के करीबी रहे मुस्तफा
मोहम्मद मुस्तफा 1985 बैच के IPS रहे। पंजाब में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबियों में मुस्तफा की गिनती होती थी। हालांकि, जब कैप्टन ने मुस्तफा को पंजाब पुलिस का DGP नहीं बनाया तो उनके रिश्ते बिगड़ गए। कैप्टन ने जब दिनकर गुप्ता को DGP बना दिया तो सिनियरिटी का हवाला देकर मुस्तफा सुप्रीम कोर्ट तक गए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद 2021 में मुस्तफा रिटायर हो गए। कांग्रेस ने साल 2021 में कैप्टन अमरिंदर सिंह को CM की कुर्सी से हटाया तो मुस्तफा कांग्रेस में सक्रिय हो गए। उन्होंने खुलकर कैप्टन के खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी। इस दौरान वह नवजोत सिद्धू के सलाहकार भी रहे।

