नारनौल: हरियाणा के नारनौल में शिक्षा विभाग में कार्यरत कैलाश नगर निवासी एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की शादी से पूर्व उसको घोड़ी पर बैठाकर बनवारा निकाला। लड़की एमएससी बीएड है तथा उसकी 14 अप्रैल को शादी होगी। पिता द्वारा बेटी की शादी से पूर्व उसको लड़कों की तरह घोड़ी पर बैठाकर बनवारा निकालने की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। शहर के रेवाड़ी रोड पर मोहल्ला कैलाश नगर निवासी मनोज सोलंकी डीईओ आफिस में कार्यरत हैं। उसकी बेटी मनीषा की 14 अप्रैल को शादी है। उससे शादी करने के लिए राजस्थान के कोटपुतली से लड़का बारात लेकर आएगा। लड़का निजी कंपनी में काम करता है। मनीषा की शादी को यादगार बनाने के लिए उसके पिता तथा परिवार वालों ने घोड़ी पर बिठाकर डीजे की धुन पर बनवारा निकाला। मनीषा के परिवार का यह कदम, बेटियों को सामाजिक अधिकार दिलाने का संदेश देता है कि बेटी भी बेटों से कम नहीं हैं। सोलंकी परिवार की इस पहल से समाज में एक नई परंपरा की शुरुआत हो सकती है, जहां बेटियों को समानता और सम्मान के साथ देखा जाएगा।
शिक्षित व संस्कारित है बेटी
मनीषा के माता पिता ने अपनी बेटी पर गर्व करते हुए कहा कि उनकी बेटी शिक्षित और संस्कारित है। बेटियां अनेक सामाजिक बंधनों में जकड़ी हुई हैं हमने बेटी को बंधनों से विमुक्त कर एक स्वस्थ परंपरा की शुरुआत की है। हम चाहते हैं कि हमारी बेटी समाज में समानता और सम्मान के साथ जीने का अधिकार प्राप्त करे। इस पहल से ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ सरकारी अभियान को भी बल मिलेगा, जिसका उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति लोगों की सोच को बदलना है। उन्होंने बताया कि यह कदम निश्चय ही महिला सशक्तिकरण, परंपराओं का पुनर्मूल्यांकन करने, सामाजिक एकता, महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में भी सहायक रहेगा।

