इजराइल-अमेरिका और ईरान जंग का आज तीसरा दिन है। इस बीच पाकिस्तान पर आरोप लगा है कि उसने अमेरिका को ईरान पर हमले के लिए अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने दिया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के एक सीनियर कमांडर ने कहा कि यदि पाकिस्तान ने ऐसा किया है तो वह सुरक्षित नहीं रहेगा और उसे इसकी कीमत चुकानी होगी।
युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने पुराने सहयोगी ब्रिटेन पर नाराजगी जताई है। दरअसल ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने अमेरिका को हिंद महासागर में मौजूद अपना मिलिट्री बेस डिएगो गॉर्सिया देने में देर की। अमेरिका जंग के पहले दिन ही इस बेस से ईरान पर हमला करना चाहता था। लेकिन ब्रिटेन ने 48 घंटे बाद इसकी इजाजत दी और कहा कि अमेरिका को यहां से सिर्फ ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाने की परमिशन होगी। इसे लेकर ट्रम्प ने कहा है कि वे ब्रिटिश पीएम से बेहद निराश है।
ईरान का 4 देशों में 6 अमेरिकी बेस पर हमला
ईरान ने सोमवार को मिडिल-ईस्ट के 4 देशों में 6 अमेरिकी बेस पर हमला किया है। कुवैत में अमेरिका के कई फाइटर जेट क्रैश हो गए है। जेट हवा में गोल-गोल घूमने के थोड़ी देर बाद जमीन से टकरा गए। हालांकि, इसमें किसी मौत की नहीं हुई है। दूसरी ओर ईरान के टॉप नेशनल सिक्योरिटी अधिकारी अली लारीजानी ने सोमवार को कहा कि ईरान अमेरिका से कोई बातचीत नहीं करेगा। यह बयान उन खबरों के जवाब में आया है, जिनमें कहा गया था कि ईरान ने अमेरिका से फिर से बातचीत शुरू करने की कोशिश की है। वहीं कुवैत ने सोमवार को गलती से 3 अमेरिकी फाइटरजेट्स को दुश्मन का विमान समझकर निशाना बनाया। हादसे में सभी अमेरिकी पायलट सुरक्षित हैं।

