चंडीगढ़ : जीएमएसएस स्कूल सेक्टर 32 चंडीगढ़ की लाइब्रेरी में श्रीमती सुधा शिक्षिका, की तरफ से स्कूल के दसवी के विद्यार्थियों के साथ विश्व पुस्तक दिवस एवम विश्व कॉपीराइट दिवस मनाया गया। श्रीमती सुधा दसवी के छात्रों को इंग्लिश का विषय पढ़ती हैं और साथ ही काउंसलिंग का कार्य भी करती हैं। स्कूल के दसवीं के विद्यार्थियों के लिए लाइब्रेरियन श्रीमती मनदीप कौर ने भाग ले कर उनकी हाजरी लगाई गई और उन्हें प्रतिदिन रीडिंग की आदत अपनाने के लिए जागरूक किया गया। इस 40 मिनट के सेशन में शिक्षिका सुधा जी के द्वारा विद्यार्थियों को विश्व पुस्तक दिवस क्यों मनाया जाता है, इसका क्या महत्व है, किताबें कैसे एक दोस्त के रूप में जीवन भर हमारा साथ देती हैं , रीडिंग को हम कैसे आनंदमई बना सकते हैं तथा कैसे अपने लिखे विषयों का कॉपीराइट कैसे लिया जा सकता है, इत्यादि कई विषयों पर बताया गया। उन्होंने यह बातें भी सांझा की कि कैसे विद्यार्थी कैसे आज की प्रतियोगात्मक इंटरनेट की दुनिया के चलते सिर्फ ई पत्रिका पढ़ने के चक्करों में किताबों से सीधा संपर्क नही बना पाते। क्युकी यह कार्य उनको महंगा, अधिक समय लेने वाला तथा पुस्तकों की संभाल के कारण कठिन लगता है।

अक्सर देखा गया की जिन घरों में किताबे पढ़ने का शौक होता है वो बच्चे ज्यादातर अनुशासन में रहने वाले, उच्च संस्कारी, खुद को व्यस्त रखने वाले , तथा आत्मविश्वासी होते हैं। किताबें हमारी आलोचनात्मक तथा रचनात्मक कौशल को बढ़ावा देती हैं। एक अच्छे गुरु के द्वारा प्रपात मार्गदर्शन से विद्यार्थी अच्छा साहित्य पढ़ना ही नहीं अपितु महसूस करना भी सीखते हैं। पुस्तकें हमेशा हमारी अच्छी दोस्त साबित हुई हैं। विद्यार्थी पुस्तकों को पढ़ कर स्वयं की निर्णायक क्षमता को बढ़ाने में भी सफल होते हैं। अभिवावकों का यह नैतिक फर्ज है कि वो सिलेबस की किताबों के साथ बच्चों में कहानी, कविता , कार्टून सीरीज,एनीमेशन इत्यादि बढ़िया साहित्य वाली किताबों को पढ़ने और समझने में रुचि पैदा करवाएं।

बुक रीडिंग अपने आप में एक खुशी देने वाला काम है जो हमें कई तरह की भावनाओं में बहा कर हमें हमारी कल्पना की दुनिया की सैर करवाता है और नए अनुभव करवाता है। आज का दिन विश्व के उन सभी लेखको को समर्पित है जिन्होंने साहित्य जगत में एक महत्वपूर्ण योगदान डाला और लोगों का पढ़ने के प्रति प्रेम को उजागर किया।इस वर्ष के विश्व पुस्तक एवम कॉपीराइट दिवस का थीम है रेड योर वे ताकि लोग जैसे चाहते हैं उसी रूप में बौद्धिक प्रयासों द्वारा संपन्न साहित्य और कलात्मक परिदृश्य को बढ़ावा दे पाएं आज विद्यार्थियों ने श्रीमती सुधा के रीडिंग प्रेरणात्मक आयोजित सेशन में आर्टिकल्स और स्लोगन लिख कर, वर्ल्ड बुक एवम कॉपीराइट दिवस मजे से ज्ञान और कल्पनात्मक रूप में मनाया।

