पंचकूला : हरियाणा सरकार के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा दिनांक 5 सितंबर 2025 को गुटखा, पान मसाला, सुगंधित/सुवासित तंबाकू सहित सभी तंबाकू-युक्त उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण एवं बिक्री पर एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए गए थे। प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने में अभी लगभग 7 महीने शेष हैं, इसके बावजूद पंचकूला सहित पूरे प्रदेश में ये प्रतिबंधित पदार्थ खुलेआम बिकते देखे जा रहे हैं। यह आरोप लगाते हुए इंडियन नेशनल लोकदल के जिलाध्यक्ष (शहरी) पंचकूला एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने कहा कि पंचकूला जिले के लगभग हर सेक्टर, कॉलोनी और गांव में गुटखा, तंबाकू, जर्दा व पान मसाला सरेआम उपलब्ध है। शराब के ठेकों के बाहर, होटलों, सिनेमाघरों, रेहड़ी-पटरी बाजारों, गोल चक्करों और रेड लाइट्स पर ये उत्पाद आसानी से बिक रहे हैं। मनोज अग्रवाल ने बताया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा आदेश संख्या 3/14-1 फूड-11-2025/4526 (दिनांक 05.09.2025) में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि तंबाकू व निकोटिन युक्त उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हैं तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत इन्हें प्रतिबंधित किया गया है। यह प्रतिबंध 5 सितंबर 2025 से पूरे हरियाणा में प्रभावी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिबंध लागू होने के बावजूद पिछले कई महीनों में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, पंचकूला द्वारा न तो कोई प्रभावी कार्रवाई की गई और न ही गुटखा, तंबाकू, खैनी व पान मसाला बेचने वालों के विरुद्ध कोई ठोस कदम उठाया गया, जिससे विभागीय मिलीभगत की आशंका पैदा होती है।
मनोज अग्रवाल ने प्रशासन से मांग की कि गुटखा, तंबाकू, खैनी एवं पान मसाला बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि नागरिकों के स्वास्थ्य से हो रहे खिलवाड़ पर तुरंत रोक लगाई जा सके।

