फतेहाबाद/टोहाना: पक्की नौकरी और समान काम समान वेतन की मांग को लेकर पिछले 22 दिन से हड़ताल करके हरियाणा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे हुए ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री देवेन्द्र बबली के टोहाना स्थित कार्यालय पर 24 घंटे का पड़ाव शुरू किया। ग्रामीण सफाई कर्मचारी रातभर कार्यालय के बाहर पड़ाव डालेंगे। आज कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार व मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पड़ाव की अध्यक्षता ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान एवं राज्य उपाध्यक्ष बलबीर सिंह ने की तथा संचालन जिला सचिव बेगराज ने किया। पड़ाव स्थल से लेकर मंत्री कार्यालय तक जोरदार नारेबाजी करते हुए सफज्ञई कर्मियों ने प्रदर्शन किया। मंत्री के भाई विनोद बबली ने बुधवार तक मंत्री से बात करके यूनियन को अवगत करवाने की बात कही। 22वें दिन हड़ताल करके पड़ाव डाले बैठे ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए यूनियन के प्रदेश महासचिव विनोद कुमार ने कहा कि वाल्मीकि जयंती पर 1000 रुपये की बढ़ोतरी करके हरियाणा सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के साथ मजाक किया है। उन्होंने कहा कि 2014 में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में 15 हजार वेतन और पक्का करने का वायदा किया था। सत्ता में आते ही ये वायदा पूरा किया जाता तो आज सफाई कर्मियों का वेतन 21900 रुपये वेतन हो जाता, लेकिन भाजपा सरकार ने कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। यूनियन महासचिव विनोद कुमार ने कहा कि हरियाणा सरकार और भाजपा एक तरफ वाल्मीकि जयंती मनाने का ढोंग कर रही है और दूसरी तरफ वाल्मीकि जी अनुयायी हड़ताली सफाई कर्मियों के साथ वार्ता करने में अपनी तौहीन समझती है। इसके कारण आज भी सफाई कर्मी सडक़ों पर उतरने को मजबूर हैं।
यूनियन नेताओं ने कहा कि पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली समाज सेवी होने का दावा करते हैं, आगामी चुनाव की तैयारी करते हुए अपने हल्के में दौरा करते घूम रहे हैं और सफाई कर्मी जब उनके दरवाजे पर आते तो उनसे बात करने का समय नहीं है। विनोद कुमार ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी पूरे हरियाणा में अपने आंदोलन को तेज करेंगें और सरकार द्वारा किये गए भद्दे मजाक का जवाब देंगे। पड़ाव को सम्बोधित करते हुए दलित अधिकार मंच के राज्य संयोजक रामकुमार बहबलपुरिया, सीटू राज्य उपाध्यक्ष सुखबीर सिंह ने कहा कि ये सरकार घोर दलित विरोधी है, जिसके कारण आज सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती तो वार्ता से समाधान किया जा सकता था, लेकिन दलित विरोधी रुख के कारण आज तक वार्ता नहीं की। आज के प्रदर्शन को यूनियन जिला कोषाध्यक्ष हरपाल, उप प्रधान सुनील कुमार, सुंदर सिंह, गुरदास, सतीश, हरपाल, रेखा, पवन, चरणदास, भूप सिंह, ओमप्रकाश के अलावा सर्व कर्मचारी संघ के नेता कृष्ण कुमार, मास्टर हरपाल सिंह, राजेश कुमार व किसान सभा के उपप्रधान जगतार सिंह ने भी सम्बोधित किया और आंदोलन का समर्थन किया।

