गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने चुनाव तहसीलदार रोहित सुहाग को 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस मामले में उसके सहायक सौरभ के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है, जो फिलहाल फरार है। उसको पकड़ने के लिए टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। आरोपी को टीम शुक्रवार को कोर्ट में पेश करेगी। कोर्ट के आदेशों पर टीम आगामी कार्रवाई अमल में लाएगी।
- 2024 विधानसभा चुनावों में लगाई थी गाड़ियां: गुरुग्राम ACB ऑफिस को एक ट्रांसपोर्टर ने शिकायत दी थी। शिकायत में ट्रांसपोर्टर ने बताया था कि साल 2024 के विधानसभा चुनाव में उपायुक्त गुरुग्राम द्वारा उसकी गाड़ियां चुनावी कार्यों में लगाई गई थी। उसे सरकार द्वारा तय दर अनुसार भुगतान करना था।
- काफी महीनों से लगा रहा था कार्यालय के चक्कर: भुगतान बिल उपायुक्त गुरुग्राम द्वारा पुलिस आयुक्त कार्यालय को भेजा गया। पुलिस विभाग गुरुग्राम से बिलों की अदायगी करवाने के लिए चुनाव कार्यालय जिला गुरुग्राम से NOC प्राप्त करना होता है। इसी के लिए वह पिछले काफी महीनों से अधिकारी के कार्यालय के चक्कर लगा रहा था।
- पहले मांगे 3.50 लाख, फिर 2 लाख: भुगतान के लिए जरूरी एनओसी (No Objection Certificate) जारी करने के बदले तहसीलदार रोहित सुहाग और उसके सहायक ने 3.50 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। कई बार निवेदन करने पर उन्होंने रकम घटाकर 2 लाख रुपए करने की बात कही।
सहायक की तलाश में छापेमारी जारी
शिकायत मिलने के बाद ACB ने ट्रैप लगाया। इसके बाद टीम निर्धारित जगह पर पहुंची। जहां से आरोपी तहसीलदार को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। ACB ने तहसीलदार रोहित सुहाग व सहायक सौरभ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। फरार सहायक की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

