मनीमाजरा: गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की अध्यापिका श्रीमती नीरज (NTT, GMMS MHC SEC 13) ने नर्सरी कक्षाओं के बच्चों के लिए रोचक और शिक्षाप्रद बाल कविताएं लिखी हैं, जो इन दिनों बच्चों के बीच खासा आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
इन कविताओं के माध्यम से बच्चे न केवल मनोरंजन कर रहे हैं, बल्कि सरल और मजेदार तरीके से नई चीजें भी सीख रहे हैं। कक्षा में जब बच्चे इन कविताओं को गाते हैं तो उनका उत्साह देखने लायक होता है। अध्यापिका श्रीमती नीरज इन कविताओं को अपनी दैनिक दिनचर्या में भी शामिल करती हैं, जिससे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया और भी आसान और आनंदमय बन जाती है।
कक्षा में बच्चों द्वारा गाई जाने वाली कुछ प्रमुख कविताएं इस प्रकार हैं—
“नटखट बंदर”
नटखट बंदर पेड़ पर बैठा,
क्या बंदर तू भूखा है?
मेरे पास आ, केला खा, पानी पी,
बंदर कूद-कूद करता है।
“मिट्ठू”
मिट्ठू हूं मैं, मामा का प्यारा हूं,
सब मुझसे प्यार करते हैं,
मैं सबका अच्छा दोस्त हूं।
“सच्चा दोस्त”
मेरा दोस्त बहुत प्यारा है,
वह मुझे हमेशा खुश रखता है,
हमारी दोस्ती सबसे अच्छी है।
“मेरा स्कूल”
मेरा स्कूल बहुत प्यारा है,
यह हमें ज्ञान देता है,
हम खेलते हैं, गाते हैं और
दोस्तों के साथ खुश रहते हैं।
“यस मामा राइम”
शैरी शैरी, यस मामा!
जंक फूड खाना? नो मामा!
झूठ बोलना? नो मामा!
मुंह खोलो—हा हा हा!
विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बच्चों को ये कविताएं इतनी पसंद आई हैं कि वे इन्हें बार-बार गुनगुनाते हैं और खुशी के साथ सीखते हैं।

