रावलपिंडी: इस्लामाबाद में आत्मघाती हमले के बाद श्रीलंका क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान दौरा बीच में छोड़ दिया है। टीम के आधे से ज्यादा खिलाड़ी स्वदेश लौट गए हैं। न्यूज एजेंसी AFP ने यह जानकारी दी है। इससे पहले बुधवार को टीम की सुरक्षा बढ़ाई गई थी। इतना ही नहीं, पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने श्रीलंकाई टीम के खिलाड़ी और अधिकारियों से मिलकर उन्हें पूरी सुरक्षा देने का भरोसा दिलाया, लेकिन श्रीलंकाई खिलाड़ी नहीं माने। नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन भी है।
श्रीलंकाई टीम को पाकिस्तानी दौरे पर 3 मैचों की सीरीज खेलनी थी। इस सीरीज में पाकिस्तान 1-0 से आगे चल रही थी। पाकिस्तान ने पहला मैच 6 रन से जीता था। सीरीज का दूसरा मुकाबला 13 नवंबर को खेला जाएगा। मंगलवार, 11 नवंबर को इस्लामाबाद में एक कोर्ट के बाहर आत्मघाती हमला हुआ था। इसमें 12 लोग मारे गए और कई घायल है। 3 साल पहले 21 सितंबर 2021 को न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज रद्द कर रही थी। टीम संभावित आतंकवादी हमले की खुफिया सूचना मिलने के बाद बिना कोई मैच खेले ही स्वदेश लौट गई थी। PTI ने सूत्रों के हवाले से लिखा- ‘यही कारण है कि मोहसिन नकवी व्यक्तिगत रूप से स्टेडियम गए और मेहमान टीम के सदस्यों से मिले तथा उन्हें सुरक्षा को लेकर आश्वस्त किया।’

सेना और अर्धसैनिक रेंजर्स को तैनात किया सूत्र ने बताया- मेहमान खिलाड़ियों और अधिकारियों की सुरक्षा में पाकिस्तानी सेना और अर्धसैनिक रेंजर्स को तैनात किया गया है। वे टीम की सुरक्षा पर नजर रखेंगे।
16 साल पहले टीम बस पर हमला हुआ था 16 साल पहले श्रीलंकाई क्रिकेटर्स की टीम बस पर हमला हुआ था। मार्च 2009 में TTP आतंकवादियों ने गद्दाफी स्टेडियम के पास टीम की बस पर गोलियां चलाई थी। इसमें किसी की जान तो नहीं गई थी, लेकिन कुछ खिलाड़ी घायल हुए थे।

