वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बुधवार को वॉशिंगटन डीसी में सीनेट कमेटी के सामने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला राष्ट्रपति की गिरफ्तारी किसी तरह का एक्ट ऑप वॉर नहीं है बल्कि ये एक स्ट्रैटेजी के तहत की गई कार्रवाई थी। सीनेट में सुनवाई के दौरान रूबियो ने 3 जनवरी को मादुरो की गिरफ्तारी के पीछे वाशिंगटन के तर्क को सामने रखा। सुनवाई की शुरुआत में, रूबियो ने अंतरराष्ट्रीय कानून को लेकर संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों के सवालों को खारिज कर दिया।
रूबियो बोले- हमारा मकसद वेनेजुएला में गृह युद्ध रोकना था
अमेरिकी सीनेटर मार्को रूबियो ने कहा है कि वेनेजुएला की स्थिति अस्थिर थी और उसे बचाना जरूरी था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेनेजुएला को लेकर अमेरिका के तीन उद्देश्य थे, जिनका अंतिम लक्ष्य एक ऐसे इन्फेक्शन को खत्म करना था जिसके बाद एक वेनेजुएला डेमोक्रोटिक बने। सुनवाई के दौरान रूबियो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस फैसले का बचाव किया, जिसमें मादुरो सरकार के अधिकारियों से बातचीत जारी रखने का विकल्प चुना गया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने तुरंत विपक्ष के सत्ता संभालने के समर्थन के बजाय संवाद को प्राथमिकता दी। रूबियो के अनुसार पहली प्राथमिकता वेनेजुएला में गृह युद्ध को रोकना था। इसके लिए उन लोगों से सीधे, ईमानदार और सम्मानजनक बातचीत की कोशिश की गई, जो फिलहाल देश को कंट्रोल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूसरा बड़ा मकसद देश को फिर से संभालने पर ध्यान देना है। इसके तहत वेनेजुएला के तेल उद्योग को दोबारा चालू और मजबूत करना है। मकसद यह है कि देश की अर्थव्यवस्था स्थिर हो सके।
सीनेटर ने ऑपरेशन के खर्च पर सवाल उठाए
सुनवाई के दौरान डेमोक्रेटिक सीनेटर जीन शाहीन ने इस ऑपरेशन के खर्च पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई और समुद्री नाकेबंदी पर करीब 1 अरब डॉलर खर्च हो सकता है।शाहीन ने कहा कि उनके मतदाता पूछ रहे हैं कि राष्ट्रपति महंगाई और रोजमर्रा की दिक्कतों के बजाय वेनेजुएला पर इतना ध्यान क्यों दे रहे हैं। रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने पूछा कि क्या यह ऑपरेशन युद्ध जैसा है। इस पर रूबियो ने कहा कि अमेरिका इसे युद्ध नहीं मानता। उन्होंने मादुरो के विवादित 2024 के चुनाव और ड्रग तस्करी के आरोपों का भी जिक्र किया। लेकिन रैंड पॉल ने इन दलीलों को खोखला बताकर खारिज कर दिया। रूबियो ने कहा कि आगे किसी बड़े सैन्य कदम की संभावना कम है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका न तो सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है और न ही इसकी उम्मीद करता है। हालांकि जरूरत पड़ने पर अपने हितों की रक्षा से इनकार भी नहीं किया।

