अंबाला सिटी में मां और चाचा ने 18 साल के बेटे की 20 साल की युवती से लव मैरिज करवा दी। राज्य में लड़के की शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल है। जिसके बाद लड़के की बुआ ने इसकी शिकायत कर दी। संरक्षण और बाल विवाह निषेध अधिकारी ने इसकी जांच की और उसमें आरोप सही साबित होने पर मां और चाचा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। हालांकि बुआ की तरफ से बहू का गर्भपात करवाने और अंतर्जातीय विवाह का लाभ प्राप्त करने के आरोप झूठे साबित हुए।
काली माता मंदिर में कराई शादी
अंबाला सिटी के मोती नगर निवासी ऊषा रानी शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया था कि उसकी भाभी सुनीता उर्फ रूबी रानी ने अपने 18 साल के छोटे बेटे की मोती नगर की महक उर्फ वंशिका से इसी साल 16 फरवरी को काली माता मंदिर कालू माजरा (अंबाला सिटी) में लव मैरिज करा दी।
विवाहिता का गर्भपात कराने का लगाया था आरोप
महिला ने बताया कि उसके भतीजे की डेट ऑफ बर्थ 22 अक्टूबर 2004 है और वंशिका की डेट ऑफ बर्थ 10 मार्च 2002 है। महिला ने आरोप लगाया था कि उसकी भाभी जबरदस्ती बहू को बंधक बना कर रखे हुए हैं। यही नहीं, गर्भनिरोधक दवा खिला ढाई माह का गर्भपात भी करा दिया। उसकी भाभी ने अंतर्जातीय विवाह का भी लाभ प्राप्त किया, लेकिन जांच में विवाहिता का गर्भपात कराने और सरकार से अंतर्जातीय विवाह का लाभ प्राप्त करने का कोई साक्ष्य सामने नहीं आया और न ही आरोपों की पुष्टि हुई।
लड़के की उम्र 18 साल, 3 माह, 25 दिन थी
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रविंदरजीत कौर द्वारा जांच करने में सामने आया कि लड़के की शादी के दिन उम्र 18 वर्ष 3 माह, 25 दिन थी। नाबालिग ने अपनी मां सुनीता उर्फ रूबी व चाचा देवेंद्र पाल की उपस्थिति में महक उर्फ वंशिका से 16 फरवरी 2023 को काली माता मंदिर में बाल विवाह किया था।
शिकायतकर्ता का भाभी से चल रहा विवाद
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सुनीता उर्फ रूबी रानी के पति महिंद्र पाल की 19 फरवरी 2012 को कैंसर के चलते मौत हो चुकी है। शिकायतकर्ता उषा देवी का अपनी भाभी सुनीता उर्फ रूबी के साथ मकान को लेकर कोर्ट में केस चल रहा है। जिस वजह से उसने इनकी पोल खोल दी। नाबालिग शादी के बाद से ही बतौर पति-पत्नी कुष्ठ आश्रम के पीछे अंबाला सिटी में रह रहे हैं। अंबाला सदर थाने में लड़के की मां सुनीता उर्फ रुबी व चाचा देवेंद्र के खिलाफ धारा 10,11, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत केस दर्ज किया गया है।
